अपराजिताः बेटियां बोलीं- जब नारी में शक्ति सारी तो उसे क्यों कहें बेचारी
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अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत गवर्नमेंट हाई स्कूल और गवर्नमेंट मिडिल स्कूल ब्रज नगर, मीरां साहिब में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े मामलों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वह महिलाओं के साथ होने वाले शोषण पर हमेशा आवाज उठाने की कोशिश करेंगी। अपने आसपास कभी भी गलत नहीं होने देंगी और न ही गलत सहेंगी।
चित्रकला प्रतियोगिता में प्रिया चौधरी ने पहला स्थान, साजिया ने दूसरा स्थान और मेघा भगत ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस दौरान छात्राओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हम लड़कियों में उत्साह भरने का काम करते हैं। ऐसी प्रतियोगिता समय-समय पर कराई जानी चाहिए। छात्राओं ने चित्रकला के माध्यम से लड़कियों से जुड़े कई अहम मुद्दों जैसे दहेज प्रथा, बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिलाओं के प्रति होने वाले शोषण आदि विषयों के बारे में दर्शाया।
एक शिक्षित महिला कई परिवारों को शिक्षा से जोड़ने का काम करती है। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं को उनकी शक्ति का अहसास दिलाया जा सकता है। महिलाएं चूल्हे-चौके से उठकर अंतरिक्ष तक का सफर तय कर रही हैं। हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे हैं। -जाइदा परवीन, शिक्षिका
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हर क्षेत्र में लड़कियां परचम लहरा रही हैं
महिलाओं को आगे बढ़कर अपने लिए खड़ा होना पड़ेगा। तभी वे अपने और अन्य महिलाओं के हक के लिए लड़ पाएंगी। महिलाओं को खुद को किसी से कम नहीं समझना चाहिए। - तारा शर्मा, हेडमास्टर
समाज में लड़कियों के प्रति नजरिया बदला जा सकता है। लोग लड़कियों को कमजोर समझते हैं पर यह नहीं जानते कि जिम्मेदारी का बोझ पड़ने पर बेटियां लड़कों को भी मात दे सकती हैं। हर क्षेत्र में लड़कियां परचम लहरा रही हैं। - मीनाक्षी शर्मा, शिक्षिका
...मैं अमर उजाला के इस कदम की प्रशंसा करती हूं
इस तरह के कार्यक्रम समाज को बदलने का काम करते हैं। आज के समय में नारी अबला नहीं है। वे सबसे आगे हैं। जो मां-बाप अपनी बेटियों को बोझ समझते हैं, उन्हें अपनी सोच बदलनी चाहिए। हमें जागरूक होना होगा। - सपना कुमारी, छात्रा
मैं अमर उजाला के इस कदम की प्रशंसा करती हूं। लड़कियां इस कार्यक्रम के जरिए जागरूक हो रही हैं। इस कार्यक्रम से नई पीढ़ी की छात्राओं को सशक्त किया जा सकता है।
- प्रिया चौधरी, छात्रा
गलत सहेंगे या गलत होते हुए देखेंगे तो यह सबसे बड़ा पाप होगा
महिलाएं हर क्षेत्र में अपना कर्त्तव्य अच्छे से निभा रही हैं। वे सबसे आगे हैं। एक पढ़ी-लिखी महिला अच्छे से परिवार की जिम्मेदारी उठा सकती है। जानवी शर्मा, छात्रा
हमारे सामने कुछ भी गलत हो तो उसके खिलाफ आवाज उठाना हमारा फर्ज बनता है। यदि हम गलत सहेंगे या गलत होते हुए देखेंगे तो यह सबसे बड़ा पाप होगा। खुशबू कश्यप, छात्रा