फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Anurag Thakur Exclusive Interview Statement on Jammu Kashmir Artcile 370 Opposition PSA Removal

Interview: पीएसए हटाकर आतंकवाद और पथराव शुरू करवाना चाहता है विपक्ष, अनुराग ठाकुर बोले-अब 370 नहीं लौट पाएगा

Sat, 14 Sep 2024 12:03 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 14 Sep 2024 12:03 PM IST
सार

भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने खास बातचीत में कहा कि विपक्ष पीएसए हटाकर आतंकवाद और पथराव शुरू करवाना चाहता है। अब 370 कभी नहीं लौट पाएगा। कांग्रेस पीएसए समाप्त कर आतंकवाद और पत्थरबाजी का दौर शुरू करना चाहती है।

विज्ञापन
Anurag Thakur Exclusive Interview Statement on Jammu Kashmir Artcile 370 Opposition PSA Removal
Anurag Thakur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत के बीच जम्मू-कश्मीर की सियासी जंग में अनुच्छेद-370 को लेकर तकरार बढ़ने लगी है। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्ष पाकिस्तान से जितनी मर्जी मदद मांग ले, मगर 370 नहीं लौट पाएगा। कांग्रेस पीएसए समाप्त कर आतंकवाद और पत्थरबाजी का दौर शुरू करना चाहती है। ध्रुवीकरण के सवाल पर कहते हैं कि हमारा तो मूल मंत्र ही सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास है। तोड़ने की सियासत तो कांग्रेस, नेशनल कांग्रेस और पीडीपी करती है। पेश हैं वरिष्ठ संवाददाता शशांक मिश्र की अनुराग ठाकुर से हुई बातचीत के प्रमुख अंश...
विज्ञापन


सवाल: जम्मू-कश्मीर के चुनाव में पाकिस्तान की एंट्री कैसे हो गई?
जवाब:
यह विपक्ष की मंशा है और वे लोग पाकिस्तान की मदद मांग रहे हैं। विपक्षी चाहे जितनी मर्जी मदद मांग लें। वोट यहां की जनता देगी। अब यहां कोई खूनखराबा और आतंकवाद नहीं देखना चाहता है। अनुच्छेद-370 की वजह से आतंकवाद और अलगाववाद को ही बढ़ावा मिला।
विज्ञापन


वर्ष 2019 तक हमारे 45 हजार लोगों और सैनिकों की जान गई। कांग्रेस और उनके सहयोगी 370 को वापस लाना चाहते हैं और पीएसए को समाप्त कर आतंकवाद व पत्थरबाजी का दौर शुरू करना चाहते हैं। मेरा सवाल है कि कितनी और जानें लेने का संकल्प कांग्रेस पार्टी लेकर चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सवाल: सरकार कैसे बनाएंगे, कई सीटों पर आपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं और कई पर बागी मुसीबत बने हैं?
जवाब: कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी सहित अन्य दलों के मुकाबले सबसे ज्यादा प्रत्याशी हमने उतारे हैं। भाजपा पूर्ण बहुमत पाने वाली है। जनता का एकतरफा समर्थन मिल रहा है और रैलियों में उमड़ रही भीड़ इसका प्रमाण है। भीतरघात तो है ही नहीं और बागी भाजपा के सामने बेअसर हैं।

सवाल: इंजीनियर राशिद और जमात के लोग निर्दलीय मैदान में हैं। इनके पीछे भाजपा के होने का आरोप लग रहा है?
जवाब: लीडर ऑफ प्रोपोगंडा राहुल गांधी हैं और कांग्रेस की मानसिकता तानाशाही है। लोकतंत्र में हर कोई स्वतंत्र है। चुनाव कोई लड़े, वोट जनता को ही देना है। किसी के चुनाव लड़ने पर विपक्ष को दर्द क्यों हो रहा है। इससे यह तय हो गया है कि विपक्ष की करारी हार होनी है। यही कारण है कि उमर अब्दुल्ला चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे। अब मैदान में उतरे तो दो जगह से। दोनों जगह उनकी हार होनी तय है।

सवाल: गृहमंत्री कहते हैं पाकिस्तान से बात नहीं होगी, रक्षा मंत्री कहते हैं पड़ोसी कैसे बदलें। आखिर संशय कहां है?
जवाब: कोई संशय नहीं है। हमारे दोनों नेताओं की बात का मतलब एक है। इसमें बहुत स्पष्ट है कि भाजपा ने पहले दिन से कहा है, जब तक पाकिस्तान घुसपैठ, आतंकवाद और आतंकवादियों को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाता, तब तक बात नहीं होगी।

सवाल: विपक्ष कहता है कि बिना शासन के एलजी राज में अफसरशाही हावी हुई है?
जवाब: जम्मू-कश्मीर ने पांच वर्षों में विकास के नए आयाम देखे हैं। 370 हटने के बाद ही यह संभव हो पाया है। राष्ट्रपति शासन और इस व्यवस्था में अफसरशाही के हावी होने का सवाल कहां है। अब चुनाव के बाद सरकार बनेगी तो पूर्ण राज्य के साथ विकास को फिर सरकार आगे बढ़ाएगी।

सवाल: विदेश में राहुल गांधी के बयान के आपकी नजर में क्या मायने हैं?
जवाब: राहुल गांधी का बयान तो बेहद आपत्तिजनक है। सिखों का नरसंहार कांग्रेस के कालखंड में हुआ और राजीव गांधी के नाक तले हुआ। कांग्रेस के नेताओं की संलिप्तता तक सामने आई। एसआईटी बनाकर मोदी सरकार ने सिखों को न्याय देने का काम किया। जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार जैसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
 

सवाल: आपने बयान दिया था कि कश्मीर को अटल से ज्यादा मोदी पर भरोसा है?
जवाब: इसमें किसी तरह की तुलना नहीं है और ना ही कोई प्रतिस्पर्धा की भावना में यह कहा गया। अटल बिहारी बाजपेयी का कालखंड कम था और वर्तमान मोदी सरकार ने उनके ही सपने को पूरा करने के लिए 370 को समाप्त किया। कालखंड के हिसाब से यह बात कही गई थी।

 

सवाल: जम्मू-कश्मीर के चुनाव में भाजपा ने सीएम का चेहरा घोषित नहीं किया?
जवाब: यह भाजपा की नीति है। कुछ समय पहले मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव हुए हैं, वहां भी भाजपा ने चेहरा घोषित नहीं किया था। तीनों जगह कार्यकर्ता सीएम हैं।

 

सवाल: आपकी निगाह में जम्मू-कश्मीर में कैसा माहौल है?
जवाब: जम्मू-कश्मीर की जनता ने 370 हटने का लाभ देखा है। आईआईटी, आईआईएम, आठ मेडिकल कॉलेज, 15 नर्सिंग कॉलेज, दो-दो एम्स, सड़क, स्वास्थ्य, रेल की सुविधा से जनता ने जाना कि विकास क्या होता है। संपन्नता और समृद्धि इससे दिखती है। 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश पांच वर्ष में आया और 75 हजार करोड़ का निवेश पाइप लाइन में है। रिकार्ड टूरिज्म बढ़ा है। शांति के कारण बहुत से रास्ते खुले हैं। अब जनता इसे बरकरार रखना चाहती है।

 

सवाल: देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा यहां का चुनाव अलग है क्या?
जवाब: आजादी के बाद से ही यहां की परिस्थितियां अलग रखी गईं। देश में पहाड़ी राज्य और भी हैं। मगर, कांग्रेस ने 370 लगाकर इस राज्य का बहुत नुकसान किया। अब इसे विकसित करने का काम शुरू हुआ है। हमारी सरकार बनेगी तो सबसे पहले घोषणा पत्र के सभी 25 एजेंडा को लागू किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed