अचानक धंसने लगी सड़क, निकले प्राचीन साक्ष्य
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पुराने शहर में प्राचीन वास्तु कला के साक्ष्य देखने को मिले हैं। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर किस सदी से संबंधित वास्तुकला है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अनुसार उन्होंने सैंपल लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुराने शहर के राजौरी कदल इलाके के लोग उस समय आश्चर्यचकित रह गए, जब मंगलवार को इलाके में स्थानीय लोगों को सड़क निर्माण के दौरान प्राचीन वास्तु कला के साक्ष्य देखे। इसे कुछ मुगल दौर का मान रहे हैं, तो कुछ महाराजाओं के दौर का।
सोकलीपुरा मोहल्ले के लोगों के अनुसार जहां यह विरासतीय वास्तुकला के साक्ष्य हो सकते हैं। यहां करीब एक वर्ष पहले सड़क निर्माण का कार्य शुरू हुआ था और उस समय यहां पर एक गड्ढा बन गया था।
प्राचीन काल के वास्तु कला के साक्ष्य मिले
अब दुबारा से इसकी रिपेयरिंग का कार्य शुरू किया गया, तो वहां जमीन धसनी शुरू हो गई और उसके नीचे से प्राचीन समय में इस्तेमाल में की जाने वाली ईंटों से बने कुछ कमरे देखने को मिले। इतना ही नहीं पुराने समय के कुछ पीतल के बर्तन भी उन्हें वहां से मिले। लोगों के अनुसार यह सड़क हजरात बुलबुल साहब की दरगाह की ओर जाती है।
स्थानीय निवासी शौकत अहमद ने बताया कि एक वर्ष पहले सड़क का निर्माण रुका हुआ था और जब मंगलवार को खुदाई शुरू की गई तो प्राचीन काल के वास्तु कला के साक्ष्य मिले। उन्होंने कहा कि जब हमने नीचे जाकर देखा, तो बराबर तीन कमरे थे। वहां से कुछ पुराने बर्तनों के अलावा कुछ नहीं मिल पाया।
जब इसको लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कश्मीर के डायरेक्टर मोहम्मद शफी जाहिद से संपर्क कर इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने विभाग के कर्मचारियों को सैंपल लेने को कहा है। इसके बारे में पूरी तरह से जानने में एक-दो दिन लग सकते हैं तभी पता लग पाएगा कि यह किस सदी से संबंधित हैं।