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जम्मू-कश्मीर: कटरा में लगे भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.5 रही तीव्रता
Thu, 08 Sep 2022 09:08 AM IST
शाहरुख खान
एएनआई, जम्मू-कश्मीर
एएनआई, जम्मू-कश्मीर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 08 Sep 2022 09:08 AM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के कटरा से 62 किमी दूर आज सुबह करीब 7:52 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने यह जानकारी दी।
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भूकंप
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के कटरा में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप के झटके सुबह करीब 7:52 मिनट पर महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की 3.5 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भूकंप की पुष्टि की है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के कटरा से 62 किमी दूर आज सुबह करीब 7:52 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी।
कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
भूकंप की तीव्रता
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।
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न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के कटरा से 62 किमी दूर आज सुबह करीब 7:52 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप की गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी।
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An earthquake of magnitude 3.5 occurred 62km ENE of Katra, Jammu and Kashmir, at around 7:52am today. The depth of the earthquake was 10 km below the ground: National Center for Seismology pic.twitter.com/i9fKbxrbzA
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 8, 2022
कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
भूकंप की तीव्रता
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।