फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   amarnath yatra Online registration can begin this month

अमरनाथ यात्रा: इसी महीने शुरू हो सकती है ऑनलाइन पंजीकरण, 2013 में सुविधा हो गई थी बंद

Wed, 01 May 2019 09:26 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 01 May 2019 09:26 PM IST
विज्ञापन
amarnath yatra Online registration can begin this month
अमरनाथ यात्रा - फोटो : फाइल

श्रीनगर में दरबार खुलने के साथ ही श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रियों को ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा देने की तैयारी की जा रही है। इस सुविधा में भोले के भक्त घर बैठे ही ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेंगे। ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान बोर्ड की वेबसाइट पर जरूरी जानकारी के साथ कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड किया जाएगा। यात्रा के दौरान बालटाल/दोमेल और नुनवान/पहलगाम/चंदनबाड़ी बेस कैंप पर असली कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट की जांच की जाएगी। यात्रियों के रिस्पांस के बाद ऑनलाइन सेवा को बढ़ाया जाएगा। वर्ष 2013 के बाद आनलाइन पंजीकरण सुविधा को विभिन्न कारणों से बंद किया गया था। 

विज्ञापन


बोर्ड की ओर से शुरुआत में पायलट स्तर पर ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा को शुरू करने की योजना है। फिलहाल इसमें कोई संख्या निर्धारित नहीं की गई है। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए बोर्ड की वेबसाइट पर सभी जरूरी जानकारी अपलोड की जाएगी। इस साल एक जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है, जो 45 दिन की होगी। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2011 में 6.36 लाख ऑलटाइम रिकॉर्ड यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। इसके अगले साल 2012 में भी यह आंकड़ा 6.20 लाख तक पहुंचा। वर्ष 2016 के बाद अमरनाथ यात्रियों का आंकड़ा तीन लाख के पार नहीं जा पाया है। इसका एक कारण पंजीकरण के लिए औपचारिकताएं बढ़ना भी है। वर्ष 2018 में 2.85 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी दी थी। सामान्य अग्रिम पंजीकरण में चालीस हजार से अधिक यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। 
विज्ञापन


यात्रा ट्रैक पर 114 लंगरों को अनुमति 
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर 114 लंगरों को अनुमति दी गई है। बोर्ड अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। ट्रैक पर हर साल श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर ऑर्गनाइजेशन (साबलो) के तहत सौ से अधिक लंगर लगाए जाते हैं। इसके अलावा लखनपुर से बेस कैंप तक अन्य सैकड़ों लंगर लगते हैं। जून के मध्य में लंगर संगठनों का पहुंचना शुरू हो जाएगा। ये संगठन भोले के भक्तों को प्रसाद देने के साथ उनकी सेवा में जुटे रहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed