Amarnath Yatra 2022: उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में यात्रा शुरू करवाने के लिए प्लान तैयार, मई तक तैयारियां होंगी पूरी
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी पड़ावों पर आधुनिक सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। ऑक्सीजन बूथ और परीक्षण सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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कोरोना की तीसरी लहर धीमा पड़ने और केंद्र की ओर से संकेत मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा की तैयारी शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए कार्य योजनाओं को तैयार किया जा रहा है। यात्रा की व्यवस्था में शामिल सभी विभाग अप्रैल के पहले सप्ताह से योजनाओं को क्रियान्वित करना शुरू कर देंगे और 15 मई तक सभी महत्वपूर्ण तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ऑक्सीजन बूथ और परीक्षण सुविधाओं की व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन कोरोना की स्थिति की समीक्षा कर रहा: उपराज्यपाल
यात्रा से संबंधी विभिन्न स्तर पर बैठकें की जा रही हैं। महत्वपूर्ण जंक्शन पुलियों पर सड़कों को चौड़ा करने का काम किया जाएगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एवं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का कहना है कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन कोरोना की स्थिति की समीक्षा कर रहा है और इस साल यात्रा करवाने की पूरी उम्मीद है। बीते दिन गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में भी अमरनाथ यात्रा को करवाने के लिए हामी भरी गई है।
रिकॉर्ड यात्रियों के आवागमन की उम्मीद अग्रिम यात्री पंजीकरण पर फैसला जल्द
उपराज्यपाल का कहना है कि इस बार यात्रा में रिकॉर्ड यात्रियों के आवागमन की उम्मीद के मद्देनजर तैयारियां भी उसी तरह से की जाएंगी। अग्रिम यात्री पंजीकरण पर जल्द फैसला लिया जाएगा। कश्मीर संभागीय प्रशासन ने यात्रा की तैयारी के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। जिला उपायुक्त ट्रांजिट कैंपों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। यात्री पड़ाव स्थलों का व्यापक स्तर पर विस्तार किया जा रहा है।
जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में अमरनाथ यात्रा शुरू होती है
ताकि आपात स्थिति में अधिक यात्रियों को उचित स्थानों पर ठहराया जा सके। सामान्य तौर पर जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में अमरनाथ यात्रा शुरू की जाती है। यात्रा में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आगामी समय में दस लाख यात्रा को देखते हुए किया जा रहा है। अब तक 2011 में 6.36 लाख रिकॉर्ड यात्री पहुंचे हैं। इसके अगले वर्ष 2012 को भी 6.20 लाख यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचे थे।
श्रीनगर, चंद्रकोट और मजीन में बनाए जा रहे यात्री पड़ाव स्थल
इस बार प्रदेश के डॉक्टरों की भी यात्रा में सेवाएं लेने की भी तैयारी की जा रही है। पिछले दो साल से कोरोना के कारण यात्रा नहीं हो पाई है। इसमें डॉक्टरों की अनुपलब्धता और यात्रियों की सुरक्षा मुख्य कारण रहा। बताया जाता है कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक कर यात्रा संबंधी तैयारियों के लिए कार्ययोजना बनाएगा।
आधुनिक पड़ाव स्थलों का निर्माण किया जा रहा
अमरनाथ यात्रियों के बेहतर पड़ाव व्यवस्था के लिए श्रीनगर में 2800, रामबन के चंद्रकोट में 3200 और जम्मू के मजीन में 3000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाले आधुनिक पड़ाव स्थलों का निर्माण किया जा रहा है।