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Medhavi Samman Samaroh: सम्मान से बढ़ा आत्मविश्वास... अब छूना है आसमान, मेधावी बोले
Mon, 28 Oct 2024 07:45 AM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 28 Oct 2024 07:45 AM IST
सार
उप राज्यपाल के हाथों सम्मान पाने का इतना अधिक क्रेज विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों में दिखा कि एलओसी से सटे कुपवाड़ा, बारामुला तथा बांदीपोरा जिले के मेधावी भी सुबह से ही आयोजन स्थल पर जुट गए।
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अमर उजाला मेधावी सम्मान समारोह में मेधावी छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ठिठुरन भरी श्रीनगर की सुबह में अमर उजाला मेधावी सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए बच्चों में जबर्दस्त उत्साह। सुबह आठ बजे से ही मेधावियों तथा उनके अभिभावकों की स्कास्ट कश्मीर के बाहर जमावड़ा। एलजी के हाथों सम्मान पाकर मेधाओं ने गले में लटके मेडल की ओर इशारा करते हुए चेहरे पर विजयी मुस्कान बिखेरी। बोले- सम्मान से उनका आत्म विश्वास बढ़ा है। अब उन्हें आसमान छूना है।
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उप राज्यपाल के हाथों सम्मान पाने का इतना अधिक क्रेज विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों में दिखा कि एलओसी से सटे कुपवाड़ा, बारामुला तथा बांदीपोरा जिले के मेधावी भी सुबह से ही आयोजन स्थल पर जुट गए। यहां तक पहुंचने के लिए दो से तीन घंटे का सफर तय करने के बाद भी उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं दिखी। अभिभावकों का कहना था कि आज तो उनके गौरवान्वित होने का दिन है। उनके समर्पण और त्याग को पूरी कश्मीर ही नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर भी देखेगा। थोड़ी सी तकलीफ हुई तो क्या बात है।
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वहीं कुपवाड़ा की सानिया शब्बीर, बांदीपोरा की ताबान व बारामुला के शफाक लतीफ सभी 12वीं में अच्छे अंकों से पास हुए हैं, ने कहा कि ठंड में सुबह जगने में थोड़ा आलस्य आया, लेकिन एलजी के हाथों सम्मान पाने का विचार जेहन में आते ही यह आलस्य रफूचक्कर हो गया। अभिभावकों ने भी मदद की। परिवार वालों के सहयोग से वह सम्मान पाने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि आज एलजी तथा अन्य के हाथों सम्मान पाकर उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उन्हें अहसास हुआ कि उनकी मेधा को क्या सम्मान मिला है। इतने व्यापक पैमाने पर आयोजित कार्यक्रम में पहले उन्हें कभी सम्मानित होने का मौका नहीं मिला। अतुलनीय अनुभव रहा।
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छह घंटे तक रहा मेले सा माहौल
समारोह में आए मेधावी तथा उनके अभिभावक पूरी तरह अनुशासन में दिखे। लंबी लाइन के बाद भी उनका धैर्य नहीं टूटा। सुबह साढ़े आठ से दोपहर दो बजे तक स्कास्ट के शॉलीमार कन्वेंशन सेंटर के बाहर मेले जैसा माहौल रहा।
सेल्फी प्वाइंट पर रही भीड़ तो अभिभावक भी बच्चों के साथ लेते रहे सेल्फी
आयोजन स्थल पर बनी सेल्फी प्वाइंट पर मेधाओं की भीड़ रही। अब सब अपनी बारी का इंतजार करते रहे। लेकिन हर कोई सेल्फी के लिए बेताब दिखा। मंच के पास भी काफी देर तक विद्यार्थी ग्रुप में फोटो खिंचवाते रहे। कई ने तो फोटो खिंचवाने में दूसरे की मदद ली।