Amar Ujala Medhavi Samman Samaroh: शॉर्टकट न अपनाएं... विषय की स्पष्टता रखें, सफलता मिलनी तय
Amar Ujala Medhavi Samman Samaroh: मेधावी छात्र बसना शाह ने कहा कि परिवार को सहयोग बड़ा अहम रहा। घर का वातावरण तनाव मुक्त था जिससे मेरी तैयारी अच्छी हुई। परिवार ने कभी नहीं कहा की अपने प्रथम स्थल हासिल करना उन्होंने बस वो वातावरण दिया जिससे मैं उस स्तर तक पहुंच पाई।
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किसी भी परीक्षा में सफलता स्थिरता और दृढ़ संकल्प से हासिल की जा सकती है। बोर्ड परीक्षा में स्थिरता और दृढ़ संकल्प के साथ विषय को लेकर स्पष्टता होना बड़ा महत्वपूर्ण होता है। बोर्ड परीक्षा में इन तीन चिजों का समन्वय सफलता पाने की एक महत्वपूर्ण सीढ़ी है। आप शार्टकट से परीक्षा पास तो कर सकते है, लेकिन भविष्य में शार्टकट से सफलता हासिल नहीं कर सकते है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा में विद्यार्थियों में तनाव बढ़ा है। ऐसे में तनाव मुक्त वातावरण बनाने की जरूरत है। ऐसे वातावरण में बेहतर परिणाम हासिल कर सकते है।
तनाव मुक्त वातावरण न सिर्फ स्कूल बल्कि घर में भी होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर में बोर्ड परीक्षा के पैटर्न और पाठ्यक्रम में बदलाव हो रहा है। जेके बोर्ड भी सीबीएसई के पैटर्न को अपना रहा है। इससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में काफी मदद मिली है। इस तरफ और ज्यादा सुधार की जरूरत है। निजी स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने की जरूरत है। बच्चों को वैचारिक शिक्षा की तरफ ले जाने की जरूरत है। 12वीं कक्षा की मेरिट सूची में आने वाले मेधावियों ये बातें अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में कही।
अनुशह गुल ने कामर्स संकाय में 99.6 फीसदी अंक हासिल कर न सिर्फ काॅमर्स संकाय बल्कि प्रदेश में टॉप किया है। अनुशह ने कहा कि परीक्षा की तैयारी शुरूआत से ही की थी। हर विषय को पर्याप्त समय दिया। शॉर्टकट की बजाय कॉन्सेप्ट क्लियर किया। परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले परीक्षा पैटर्न को समझा। पुराने प्रश्न पत्राें को अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि बिना मेहनत के सफलता हासिल नहीं हो सकती है। मैं प्रतिदिन दो से तीन घंटे ही पढ़ाई करती थी, लेकिन जिस भी विषय को पढ़ती थी उसका कॉन्सेप्ट को समझा जिससे परीक्षा की तैयारी में काफी आसानी मिली। बोर्ड परीक्षा की तैयारी में तनाव मुक्त रहना सबसे जरूरी होता है। इस सफर में परिवार के सहयोग के बिना सफलता हासिल नहीं कर सकते है।
वफा फिरोज कदला कामर्स संकाय में 99.6 फीसदी अंक के साथ अपने संकाय के अलावा प्रदेश की टॉपर है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी में कड़ी मेहन और दृढ़ संकल्प सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि अगर मैने 99.6 फीसदी अंक हासिल किए है तो ये कोई बड़ी बात नहीं है। अगर मैं कर सकती हूं तो आप भी कर सकते हो। 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप करने के बाद जीवन में बड़ा बदलाव आए है। अब जहां भी मैं जाती हूं चाहे व कॉलेज हो या विवि मुझे शिक्षको सम्मान मिलता है। परिवार सदस्यों को भी सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी में परिवार और शिक्षकों को सहयोग बड़ा महत्वपूर्ण होता है।
अदीबा ने 98.8 फीसदी अंक हासिल कर साइंस संकाय में टॉप किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के दौरान मेरा ध्यान शार्टकट के बजाय विषय के बारे स्पष्टता हासिल की। हर विषय के संभावित प्रश्नों को खुद को तैयार किया। मेहनत के साथ-साथ विषय की जानकारी ने परीक्षा को लेकर मेरी तैयारी को पुख्ता किया। उन्होंने कहा कि हम किसी भी परीक्षा की तैयार करे तो उसमें उस विषय को लेकर स्पष्टता होनी जरूरी है। परीक्षा का पैटर्न देखने की जरूरत है। शार्टकट ढूंढने से बचना होगा।
कश्मीर संभाग में नवंबर में परीक्षा होती थी तो उसमें छात्रों के सुविधा मिलती थी। 12वी कक्षा के बच्चों के पास प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अतिरिक्त समय होता था। बसना शाह ने 99 फीसदी अंक हासिल पर आर्ट्स संकाय में टॉप किया है। उन्होंने कहा कि हर किसी की तैयारी करने का अलग-अलग तरीका होता है। मेने हर दिन पढ़ाई की, जिससे परीक्षा की तैयारी को लेकर निरंतरता बनी रही। इससे परीक्षा की तैयारी अच्छी हुई और सफलता मिली।