मुफ्ती, निर्मल समेत 88 विधायकों ने ली शपथ
जम्मू कश्मीर की 12वीं विधानसभा के नतीजे घोषित होने के 76वें दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल के पच्चीस मंत्रियों समेत 88 विधायकों ने मंगलवार को विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ ग्रहण की। इसी तरह विधान परिषद के 11 नव निर्वाचित सदस्यों ने भी शपथ ग्रहण की।
खराब मौसम की वजह से जम्मू श्रीनगर, डोडा किश्तवाड़ के विभिन्न इलाकों में सड़क संपर्क कटने से फंसे सड़क एवं भवन निर्माण राज्य मंत्री सुनील शर्मा समेत सात विधायकों को शपथ ग्रहण के लिए एयर लिफ्ट कर जम्मू पहुंचाया गया। इन सभी विधायकों के लिए दूसरी बार शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करना पड़ा।
प्रो टेम स्पीकर मोहम्मद शफी उड़ी ने सबसे पहले मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को विधायक के रूप में शपथ दिलाई। इसके बाद बारी बारी उपमुख्यमंत्री समेत मंत्रियों और विधायकों ने शपथ ग्रहण की।
जम्मू श्रीनगर और डोडा किश्तवाड़ में सड़क संपर्क कटने से सड़क एवं भवन निर्माण एवं राजस्व राज्य मंत्री सुनील शर्मा के अलावा डोडा से विधायक शक्ति परिहार, रामबन से विधायक नीलम लंगेह, भद्रवाह से विधायक दिलीप परिहार और कश्मीर संभाग से दो विधायक खलील बंद और अब्दुल मजीद भट्ट और कांग्रेस विधायक जी एम सरूरी को एयर लिफ्ट कर जम्मू पहुंचाया गया।
यह विधायक शपथ ग्रहण समारोह में देरी से पहुंचे। प्रो टेम स्पीकर ने देरी से पहुंचे विधायकों को शपथ दिलाई। इसी तरह विधान परिषद में चेयरमैन अमृत मल्होत्रा ने नव निर्वाचित 11 विधान परिषद सदस्यों को विधान परिषद सदस्य के रूप में शपथ दिलाई।
मंत्री समेत छह विधायकों को एयर लिफ्ट करना पड़ा
जम्मू श्रीनगर नेशनल हाइवे और डोडा किश्तवाड़ सड़क के बंद होने के कारण विभिन्न स्थानों पर रुके पड़े सड़क एवं भवन निर्माण राज्य मंत्री सुनील शर्मा समेत छह विधायकों को एयर लिफ्ट कर शपथ ग्रहण समारोह के लिए जम्मू पहुंचाया गया।
डोडा किश्तवाड़ रेंज के डीआईजी निसार अहमद का कहना हैं कि मंत्री सुनील शर्मा के अलावा डोडा से विधायक शक्ति परिहार, रामबन से विधायक नीलम लंगेह, भद्रवाह से विधायक दिलीप परिहार के अलावा कश्मीर से खलील बंद और अब्दुल मजीद भट्ट को एयर लिफ्ट करके जम्मू पहुंचाया गया।
18 विधायकों ने पगड़ी पहन शपथ ली
जम्मू कश्मीर में विधानसभा के इतिहास में पहली बार 18 विधायकों ने डोगरा पगड़ी पहनकर शपथ ग्रहण की। भाजपा के पच्चीस में से 18 विधायक शपथ ग्रहण के लिए डोगरा पगड़ी में विधानसभा पहुंचे।
हालांकि उपमुख्यमंत्री पगड़ी में नजर नहीं आए। भाजपा के कठुआ से विधायक राजीव जसरोटिया ने अंग्रेजी में शपथ ग्रहण की जबकि अन्य सभी विधायकों ने हिंदी व डोगरी में शपथ ग्रहण की।
वैष्णो देवी के नाम की शपथ पर ऐतराज
भाजपा के नौशेरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रविंद्र रैणा ने विधायक के रूप में शपथ की शुरूआत माता वैष्णो देवी के नाम से की। इस पर सीपीआई के विधायक एमवाई तारिगामी ने ऐतराज जताते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर संविधान में शपथ ग्रहण के लिए जो शब्द हैं उनका इस्तेमाल ही करना चाहिए।
प्रो टेम स्पीकर ने भी रैणा को संविधान के तहत ही शपथ लेने को कहा। इसके बाद रविंद्र रैणा ने कहा कि माता वैष्णो देवी के स्थान पर ईश्वर के नाम पर शपथ लेता हूं से शुरूआत की।
रशीद इंजीनियर तो मैं चीफ इंजीनियर: रैणा
भाजपा विधायक रविंद्र रैणा ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद सदन से बाहर निकलकर कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी राष्ट्र विरोधी गतिविधि का कड़ा विरोध होगा और अफजल समेत अन्य किसी भी राष्ट्र विरोधी के हित में प्रस्ताव लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। रैणा ने कहा कि अगर रशीद इंजीनियर हैं तो मैं चीफ इंजीनियर हूं।
बच्चे रो रहे है... पब्लिक तालियां बजा रही है...
विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह में अनेकता में एकता तो दिखी ही रियासत की स्मृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी विधानसभा का सदन गवाह बना।
रियासत में बोली जाने वाली करीब सात भाषाओं जिसमें डोगरी, हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, कश्मीरी, गोजरी के अलावा गुरेज में बोले जाने वाली शीन दोरदी में भी विधायकों ने शपथ ग्रहण की।
विधानसभा में विधायकों की शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पब्लिक गैलरी से तालियां बजने और छोटे छोटे बच्चों के रोने की आवाजें आने के बाद नेशनल कांफ्रेंस के विधायक राहुल्ला ने प्रो टेम स्पीकर का ध्यान इस ओर खींचा और सदन की मर्यादा को बनाये रखने का आग्रह किया। अन्य विधायकों ने मेज थपथपाकर इसका स्वागत किया।
राजेश गुप्ता ने डोगरी में शपथ ली
जम्मू पूर्व विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेश गुप्ता ने डोगरी में शपथ ली। जबकि गांधीनगर के विधायक कविंद्र गुप्ता और जम्मू पश्चिम के विधायक सत शर्मा सीए ने हिंदी में शपथ ग्रहण की।
विधानसभा में लगे भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष
शपथ ग्रहण समारोह के बाद भाजपा विधायक रविंद्र रैणा और पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा में तिरंगा झंडा लहराते हुए भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष लगाएं।
विस में बदले-बदले नजर आए हालात
विधानसभा में मंगलवार को हालात बदले बदले नजर आए। 23 दिसंबर से को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद पहली बार विधानसभा में हुए शपथ ग्रहण समारोह में सत्ता पक्ष और विपक्ष की सीटों की तो अदला बदली हुई ही थी। विधायकों को भी अपनी सीट तक के लिए कुछ इंतजार करना पड़ा।
छह साल तक मुख्यमंत्री की सीट पर काबिज रहे उमर अब्दुल्ला विपक्ष के नेता की सीट की जगह पर बैठे हुए थे जबकि पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद मुख्यमंत्री की सीट पर थे। मुफ्ती के साथ की सीट पर उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, वित्त मंत्री हसीब द्राबू थे।
जबकि नेकां कांग्रेस गठबंधन सरकार के समय के मंत्री विपक्ष की सीटों की जगह बैठे हालात को बदले हुए देखते नजर आ रहे थे। विधानसभा में अंदर आने पर अधिकतर मंत्रियों और विधायकों को अपनी सीटों के बारे में पता नहीं था। कई विधायक तो पहले यहां वहां बैठ गए लेकिन उन्हें सचिवालय स्टाफ ने बाद में सीटों के प्रबंध के अनुसार बैठाया।
खासतौर से पहली बार विधायक बनने वालों के लिए विधानसभा के सदन में बैठना एक नया अनुभव था। भाजपा विधायक सत शर्मा सीए, राजेश गुप्ता, डा. कृष्ण लाल, गगन भगत, राजीव जसरोटिया आदि का कहना हैं कि यह उनके लिए नया अनुभव रहा।