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पर्वतीय इलाकों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Fri, 06 Feb 2015 11:48 PM IST
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कश्मीर घाटी में अभी चिल-ए-कलां के आखिरी दिनों से शुरू हुई बर्फबारी के बाद अब घाटी के मौसम में सुधार देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब जब मौसम में सुधार हो रहा है, तो इस कारण उच्चपर्वतीय इलाकों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
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इस खतरे को ध्यान में रखते हुए लोगों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इन इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी सतर्क रहने की आवश्यकता है। खासकर उन बस्तियों में रहने वाले लोगों को जो 10000 फीट की ऊंचाई पर हैं।
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लोगों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने छतों पर बर्फ को ज्यादा देर तक जमा न होने दें। उसे हटाते रहें। इसके अलावा वह अनावश्यक पैदल कहीं नहीं निकलें।
गौरतलब है कि घाटी में बर्फबारी के बाद पैदा हुए हालातों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी कर जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह से तैयार रखें।
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इनमें घाटी के बांडीपोरा, बारामुला, कुपवाड़ा, कुलगाम, अनंतनाग, गांदरबल, शोपियां और पुलवामा जिलों के पर्वतीय इलाके शामिल हैं।