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Jammu News: अरनिया में गोलाबारी के बाद किसानों को सता रही धान की कटाई की चिंता
Wed, 01 Nov 2023 02:34 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 01 Nov 2023 02:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
परगवाल। अरनिया सेक्टर में सीजफायर के उल्लंघन और उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की सतर्क रहने की हिदायत के बाद किसान परेशान हैं। उन्हें धान की फसल की कटाई की चिंता सताने लगी है। धान की कटाई के लिए अभी तक कंबाइन मशीनें व प्रवासी श्रमिकों के नहीं पहुंचने पर उनकी चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय किसान सुभाष सिंह और रघुवीर सिंह ने बताया कि धान की कटाई के लिए श्रमिकों पर निर्भर हैं। लेकिन मौजूदा समय श्रमिकों के कम संख्या में पहुंचना चिंता का विषय है। बासमती फसल की कटाई प्रवासी श्रमिकों से ही करवाते हैं, क्योंकि उसकी फंडाई के बाद पराली बेच कर अच्छा मुनाफा होता है। कंबाइन मशीनों और प्रवासी श्रमिकों के पहुंचने का इंतजार है।हालांकि, बासमती को पकने में अभी तीन से पांच दिन का समय लग सकता है, लेकिन अरनिया सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलाबारी को देखते चिंता बढ़ गई है। सभी किसान जल्द फसल को समेट कर घर लाना चाहते हैं।
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परगवाल। अरनिया सेक्टर में सीजफायर के उल्लंघन और उसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की सतर्क रहने की हिदायत के बाद किसान परेशान हैं। उन्हें धान की फसल की कटाई की चिंता सताने लगी है। धान की कटाई के लिए अभी तक कंबाइन मशीनें व प्रवासी श्रमिकों के नहीं पहुंचने पर उनकी चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय किसान सुभाष सिंह और रघुवीर सिंह ने बताया कि धान की कटाई के लिए श्रमिकों पर निर्भर हैं। लेकिन मौजूदा समय श्रमिकों के कम संख्या में पहुंचना चिंता का विषय है। बासमती फसल की कटाई प्रवासी श्रमिकों से ही करवाते हैं, क्योंकि उसकी फंडाई के बाद पराली बेच कर अच्छा मुनाफा होता है। कंबाइन मशीनों और प्रवासी श्रमिकों के पहुंचने का इंतजार है।हालांकि, बासमती को पकने में अभी तीन से पांच दिन का समय लग सकता है, लेकिन अरनिया सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलाबारी को देखते चिंता बढ़ गई है। सभी किसान जल्द फसल को समेट कर घर लाना चाहते हैं।
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