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Jammu News: आश्वासन के तीन माह...अखनूर नपा की अव्यवस्था का खराब एलईडी में डिस्प्ले जारी
Thu, 16 Nov 2023 01:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 16 Nov 2023 01:37 AM IST
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राजस्व के लिए लगाई 4.78 लाख की सुविधा का अभी तक नहीं मिला लाभ, कार्यप्रणाली पर उठने लगे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। अखनूर नगर पालिका द्वारा निर्दोष चौक में विज्ञापन के लिए लगाई गई 4.78 लाख की एलईडी डिस्प्ले आश्वासन के तीन माह बाद भी ठीक नहीं हो पाई है। यह एलईडी विज्ञापन के माध्यम से नपा का राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से सितंबर 2022 में लगाई गई थी। इसके बाद से यह लगातार किसी न किसी कारण से खराब ही रही है। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार 4.78 लाख की एलईडी डिस्प्ले की उपयोगिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
गत सितंबर से यह एलईडी डिस्प्ले बंद पड़ी है। स्थानीय कारोबारी त्योहारी सीजन में विज्ञापन देना चाहते थे, किंतु नपा अधिकारियों और अव्यवस्था के चलते लाभ नहीं उठा पाए हैं। 13 सितंबर को भी अमर उजाला ने इस मामले को उजागर किया गया था। उस समय नपा अखनूर के कार्यकारी अधिकारी शशिकांत ने जल्द ठीक करवाने का आश्वासन दिया था। वहीं, नपा अध्यक्ष संजय सराफ ने चूहों के तार काटने का कारण बताया था। उन्होंने बताया था कि शुरू में इस पर विज्ञापन देने के लिए 5000 रुपये प्रति माह निर्धारित किए थे, किंतु लोगों की प्रतिक्रिया न मिलने पर दाम पहले 2000 रुपये प्रति माह और फिर 1500 प्रति माह किए गए। ऐसे में यह एक बड़ा सवाल है कि यह एलईडी डिस्प्ले केवल मात्र नपा का राजस्व बढ़ाने के लिए लगाई गई थी इसका कोई और उपयोग नहीं है। ऐसे में अगर महीनों तक यह डिस्प्ले इसी तरह से बंद रहती है तो नपा अखनूर इसका वास्तविक मूल्य भी पूरा नहीं कर पाएगी।
वहीं, कार्यकारी अधिकारी रुपिंदर कौर ने भी पिछले कार्यकारी अधिकारी की तरह एक बार फिर आश्वासन देते हुए कहा की एलईडी डिसप्ले को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा।
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नए स्टार्टअप के प्रचार के लिए नपा द्वारा लगाई एलईडी डिस्प्ले के माध्यम से विज्ञापन देना चाहते हैं। क्योंकि अन्य माध्यमों से एलईडी का विज्ञापन उन्हें सस्ता पड़ता और अधिक असरदार रहता, लेकिन वह दो माह से इंतजार कर रहे हैं, किंतु यह एलईडी डिस्प्ले ठीक ही नहीं है। नपा अधिकारियों को इसे जल्द ठीक करवाना चाहिए।
- अभिषेक वर्मा, स्थानीय निवासी
ऐसी अव्यवस्था से जनता के पैसों की लूट है। 4.78 लाख की इस एलईडी डिस्प्ले को लगाने का महत्व सोच से परे है। किसी भी तरह के फंड्स का उपयोग सबसे पहले सार्वजनिक महत्व के कार्यों के लिए होना चाहिए। आज भी नगर में कई गलियां व नालियां टूटी हुई हैं, लेकिन न जाने क्यों एलईडी को प्राथमिकता दी, जो सफेद हाथी साबित हो रही है। इसकी खरीद संबंधी मामले का ऑडिट होना चाहिए। - सुशील शर्मा, समाजसेवी, अखनूर
एलईडी डिस्प्ले से न तो राजस्व बढ़ा और न ही लोगों को लाभ मिला है। नपा लोगों के वास्तविक मुद्दों को हल करने में विफल रही है। जनता के पैसों का दुरुपयोग हुआ है। आखिर किस प्राथमिकता पर इस एलईडी डिस्प्ले को अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों पर तरजीह दी गई। इसमें हुए भ्रष्टाचार को नकारा नहीं जा सकता है। नपा अध्यक्ष का बयान बचकाना था, उसकी जांच होनी चाहिए।
- रितेश गुप्ता, कांग्रेस नेता, अखनूर
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फोटो कैप्शन : निर्दोष चौक पर बंद पड़ी एलईडी डिस्प्ले। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। अखनूर नगर पालिका द्वारा निर्दोष चौक में विज्ञापन के लिए लगाई गई 4.78 लाख की एलईडी डिस्प्ले आश्वासन के तीन माह बाद भी ठीक नहीं हो पाई है। यह एलईडी विज्ञापन के माध्यम से नपा का राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से सितंबर 2022 में लगाई गई थी। इसके बाद से यह लगातार किसी न किसी कारण से खराब ही रही है। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार 4.78 लाख की एलईडी डिस्प्ले की उपयोगिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
गत सितंबर से यह एलईडी डिस्प्ले बंद पड़ी है। स्थानीय कारोबारी त्योहारी सीजन में विज्ञापन देना चाहते थे, किंतु नपा अधिकारियों और अव्यवस्था के चलते लाभ नहीं उठा पाए हैं। 13 सितंबर को भी अमर उजाला ने इस मामले को उजागर किया गया था। उस समय नपा अखनूर के कार्यकारी अधिकारी शशिकांत ने जल्द ठीक करवाने का आश्वासन दिया था। वहीं, नपा अध्यक्ष संजय सराफ ने चूहों के तार काटने का कारण बताया था। उन्होंने बताया था कि शुरू में इस पर विज्ञापन देने के लिए 5000 रुपये प्रति माह निर्धारित किए थे, किंतु लोगों की प्रतिक्रिया न मिलने पर दाम पहले 2000 रुपये प्रति माह और फिर 1500 प्रति माह किए गए। ऐसे में यह एक बड़ा सवाल है कि यह एलईडी डिस्प्ले केवल मात्र नपा का राजस्व बढ़ाने के लिए लगाई गई थी इसका कोई और उपयोग नहीं है। ऐसे में अगर महीनों तक यह डिस्प्ले इसी तरह से बंद रहती है तो नपा अखनूर इसका वास्तविक मूल्य भी पूरा नहीं कर पाएगी।
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वहीं, कार्यकारी अधिकारी रुपिंदर कौर ने भी पिछले कार्यकारी अधिकारी की तरह एक बार फिर आश्वासन देते हुए कहा की एलईडी डिसप्ले को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा।
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नए स्टार्टअप के प्रचार के लिए नपा द्वारा लगाई एलईडी डिस्प्ले के माध्यम से विज्ञापन देना चाहते हैं। क्योंकि अन्य माध्यमों से एलईडी का विज्ञापन उन्हें सस्ता पड़ता और अधिक असरदार रहता, लेकिन वह दो माह से इंतजार कर रहे हैं, किंतु यह एलईडी डिस्प्ले ठीक ही नहीं है। नपा अधिकारियों को इसे जल्द ठीक करवाना चाहिए।
- अभिषेक वर्मा, स्थानीय निवासी
ऐसी अव्यवस्था से जनता के पैसों की लूट है। 4.78 लाख की इस एलईडी डिस्प्ले को लगाने का महत्व सोच से परे है। किसी भी तरह के फंड्स का उपयोग सबसे पहले सार्वजनिक महत्व के कार्यों के लिए होना चाहिए। आज भी नगर में कई गलियां व नालियां टूटी हुई हैं, लेकिन न जाने क्यों एलईडी को प्राथमिकता दी, जो सफेद हाथी साबित हो रही है। इसकी खरीद संबंधी मामले का ऑडिट होना चाहिए। - सुशील शर्मा, समाजसेवी, अखनूर
एलईडी डिस्प्ले से न तो राजस्व बढ़ा और न ही लोगों को लाभ मिला है। नपा लोगों के वास्तविक मुद्दों को हल करने में विफल रही है। जनता के पैसों का दुरुपयोग हुआ है। आखिर किस प्राथमिकता पर इस एलईडी डिस्प्ले को अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों पर तरजीह दी गई। इसमें हुए भ्रष्टाचार को नकारा नहीं जा सकता है। नपा अध्यक्ष का बयान बचकाना था, उसकी जांच होनी चाहिए।
- रितेश गुप्ता, कांग्रेस नेता, अखनूर
फोटो कैप्शन : निर्दोष चौक पर बंद पड़ी एलईडी डिस्प्ले। संवाद