{"_id":"69a35930507ecfed410cc33f","slug":"agriculture-news-samba-news-c-269-1-jou1001-102170-2026-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: खौड़ व ज्यौड़ियां को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: खौड़ व ज्यौड़ियां को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान बोले गेहूं और सरसों की फसल के साथ बरसीम भी सूखी
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां/खौड़। उपजिला खौड़ और ज्यौड़ियां क्षेत्र में बारिश न होने से रबी की फसलें गंभीर संकट में आ गई हैं। गेहूं और सरसों की फसलें जहां खेतों में सूख रही हैं वहीं पशुओं के चारे के लिए बोया गया बरसीम भी नमी के अभाव में मुरझाने लगा है। ग्रामीण प्रतिनिधियों और किसान संगठनों ने प्रशासन से विशेष गिरदावरी कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने, फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति दिलाने तथा खौड़ व ज्यौड़ियां को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।
कंड़ी क्षेत्र के कई किसान समय पर बारिश न होने से बुवाई ही नहीं कर पाए हैं। मैदानी और निचले इलाकों में किसानों ने फसल तो बोई लेकिन सिंचाई के अभाव में अब पौधे झुलस रहे हैं। किसानों का कहना है कि बरसीम के सूखने से पशुपालकों पर दोहरी मार पड़ रही है क्योंकि पशुओं के लिए हरे चारे की भारी कमी उत्पन्न हो रही है। इससे दूध उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए सिंचाई नहरों में अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है क्योंकि उनमें सफाई कार्य चल रहा है। किसानों का आरोप है कि यदि समय रहते नहरों में पानी उपलब्ध कराया जाता तो फसलों को बचाया जा सकता था। किसान नसीब सिंह, विजय सिंह तथा सरफु सिंह ने तत्काल प्रभाव से नहरों में पानी छोड़ने तथा वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था करने की मांग की है।
किसान संगठनों का कहना है कि यदि शीघ्र राहत पैकेज घोषित नहीं किया गया तो छोटे और सीमांत किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने सरकार से आग्रह किया है कि कृषि एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र का दौरा कर तत्काल राहत उपाय सुनिश्चित करे ताकि आगामी कृषि चक्र और पशुपालन गतिविधियों को बचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां/खौड़। उपजिला खौड़ और ज्यौड़ियां क्षेत्र में बारिश न होने से रबी की फसलें गंभीर संकट में आ गई हैं। गेहूं और सरसों की फसलें जहां खेतों में सूख रही हैं वहीं पशुओं के चारे के लिए बोया गया बरसीम भी नमी के अभाव में मुरझाने लगा है। ग्रामीण प्रतिनिधियों और किसान संगठनों ने प्रशासन से विशेष गिरदावरी कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने, फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति दिलाने तथा खौड़ व ज्यौड़ियां को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।
कंड़ी क्षेत्र के कई किसान समय पर बारिश न होने से बुवाई ही नहीं कर पाए हैं। मैदानी और निचले इलाकों में किसानों ने फसल तो बोई लेकिन सिंचाई के अभाव में अब पौधे झुलस रहे हैं। किसानों का कहना है कि बरसीम के सूखने से पशुपालकों पर दोहरी मार पड़ रही है क्योंकि पशुओं के लिए हरे चारे की भारी कमी उत्पन्न हो रही है। इससे दूध उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए सिंचाई नहरों में अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है क्योंकि उनमें सफाई कार्य चल रहा है। किसानों का आरोप है कि यदि समय रहते नहरों में पानी उपलब्ध कराया जाता तो फसलों को बचाया जा सकता था। किसान नसीब सिंह, विजय सिंह तथा सरफु सिंह ने तत्काल प्रभाव से नहरों में पानी छोड़ने तथा वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था करने की मांग की है।
विज्ञापन
किसान संगठनों का कहना है कि यदि शीघ्र राहत पैकेज घोषित नहीं किया गया तो छोटे और सीमांत किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने सरकार से आग्रह किया है कि कृषि एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र का दौरा कर तत्काल राहत उपाय सुनिश्चित करे ताकि आगामी कृषि चक्र और पशुपालन गतिविधियों को बचाया जा सके।
विज्ञापन