{"_id":"5ff4a7148ebc3e3188122931","slug":"agriculture-jammu-news-jmu2262709108","type":"story","status":"publish","title_hn":"देर से बीजी गई गेहूं की फसल पर गहराया संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देर से बीजी गई गेहूं की फसल पर गहराया संकट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरनिया। बीते कई दिन से जारी बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। वहीं देर (लेट ब्रायटी) से बीजी गई गेहूं की फसल पर संकट गहराना शुरू हो चुका है।
किसानों के अनुसार अगर मौसम का ऐसा ही मिजाज रहा तो हमें इस बार भी काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। मुलख राज, बहादुर सिंह, अमर नाथ, नरेश कुमार, मंजीत सिंह व बलबीर चंद आदि किसानों ने कहा कि कई दिन से लगातार जारी हल्की व तेज बारिश से आम जनजीवन तो अस्त व्यस्त हो ही चुका है। इसके साथ ही हमें अपनी फसल की चिंता भी सताने लगी है। खासतौर से देर से बीजी गई गेहूं की फसल पर इस बारिश का सबसे अधिक असर पड़ रहा है। हालांकि कई खेतों में ऐसी फसल के अंकुर तो बाहर निकल चुके हैं, मगर लगातार बारिश से खराब होने के आसार ज्यादा बन चुके हैं। कहा कि हमें आशंका यह भी हो रही है कि लगातार हो रही यह बारिश गत वर्ष की तरह कहीं इस बार भी गेहूं फसल को अपनी चपेट में न ले ले। क्योंकि अभी तक करीब 40 प्रतिशत किसान केंद्र द्वारा घोषित बारिश से खराब हुई फसल के मुआवजे से वंचित हैं।
वहीं लगातार बारिश से भले ही आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है, मगर लोगों को सर्दी से मामूली राहत जरूर मिल रही है। देर शाम खबर लिखे जाने तक छाए घने बादलों के साथ हल्की बूंदाबांदी लगातार जारी थी।
--------------------
बारिश से सरसों और गेहूं की फसल को फायदा
बड़ी ब्राह्मणा। बाड़ी ब्राह्मणा और पुरमंडल ब्लॉक कंडी क्षेत्र है। सोमवार रात से हो रही बारिश को लेकर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि यह बारिश सही समय पर हो रही है। इससे गेहूं और सरसों की फसल को काफी फायदा हो सकता है। लगभग 20 दिन पहले ही ज्यादातर लोगों ने गेहूं की बिजाई की है। समय अनुसार 20 दिन के बाद ही गेहूं को पहला पानी लगना चाहिए। ऐसे में यह बारिश फायदेमंद साबित हो रही है। किसानों ने कहा कि बड़ी ही देर बाद ऐसा समय आया है जब फसल लगाने के बाद तय समय पर पानी लग रहा है, जिससे इस बार पैदावार भी बढ़ सकती है। कंडी क्षेत्र में इस मौसम में ज्यादातर गेहूं और सरसों की फसल ही लगाई जाती है और पानी की समस्या कंडी क्षेत्र में ज्यादातर बनी रहती है, लेकिन बारिश का सही समय पर पर जाना स्थानीय किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। संवाद
विज्ञापन
-----------------
बारिश ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में सोमवार रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश मंगलवार तक जारी रही। इससे आम आदमी परेशान दिखा। वहीं किसान वर्ग की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी मवेशियों के चारे के लिए उठानी पड़ी। क्योंकि बीच-बीच में बहुत तेज बारिश हो रही थी। किसान सुभाष सिंह ने कह कि अब उनको ज्यादा बारिश नहीं चाहिए, क्योंकि उनको खेतों में लगी गेहूं की फसल के लिए तो बारिश ठीक थी, दूसरी तरफ उनके निचले खेतों में लगी गेहूं की फसल के लिए ज्यादा बारिश ठीक नहीं। क्योंकि वहां ज्यादा पानी इकट्ठा होने से फसल खराब होने का डर बन जाएगा। संवाद
विज्ञापन
किसानों के अनुसार अगर मौसम का ऐसा ही मिजाज रहा तो हमें इस बार भी काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। मुलख राज, बहादुर सिंह, अमर नाथ, नरेश कुमार, मंजीत सिंह व बलबीर चंद आदि किसानों ने कहा कि कई दिन से लगातार जारी हल्की व तेज बारिश से आम जनजीवन तो अस्त व्यस्त हो ही चुका है। इसके साथ ही हमें अपनी फसल की चिंता भी सताने लगी है। खासतौर से देर से बीजी गई गेहूं की फसल पर इस बारिश का सबसे अधिक असर पड़ रहा है। हालांकि कई खेतों में ऐसी फसल के अंकुर तो बाहर निकल चुके हैं, मगर लगातार बारिश से खराब होने के आसार ज्यादा बन चुके हैं। कहा कि हमें आशंका यह भी हो रही है कि लगातार हो रही यह बारिश गत वर्ष की तरह कहीं इस बार भी गेहूं फसल को अपनी चपेट में न ले ले। क्योंकि अभी तक करीब 40 प्रतिशत किसान केंद्र द्वारा घोषित बारिश से खराब हुई फसल के मुआवजे से वंचित हैं।
वहीं लगातार बारिश से भले ही आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है, मगर लोगों को सर्दी से मामूली राहत जरूर मिल रही है। देर शाम खबर लिखे जाने तक छाए घने बादलों के साथ हल्की बूंदाबांदी लगातार जारी थी।
विज्ञापन
--------------------
बारिश से सरसों और गेहूं की फसल को फायदा
बड़ी ब्राह्मणा। बाड़ी ब्राह्मणा और पुरमंडल ब्लॉक कंडी क्षेत्र है। सोमवार रात से हो रही बारिश को लेकर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि यह बारिश सही समय पर हो रही है। इससे गेहूं और सरसों की फसल को काफी फायदा हो सकता है। लगभग 20 दिन पहले ही ज्यादातर लोगों ने गेहूं की बिजाई की है। समय अनुसार 20 दिन के बाद ही गेहूं को पहला पानी लगना चाहिए। ऐसे में यह बारिश फायदेमंद साबित हो रही है। किसानों ने कहा कि बड़ी ही देर बाद ऐसा समय आया है जब फसल लगाने के बाद तय समय पर पानी लग रहा है, जिससे इस बार पैदावार भी बढ़ सकती है। कंडी क्षेत्र में इस मौसम में ज्यादातर गेहूं और सरसों की फसल ही लगाई जाती है और पानी की समस्या कंडी क्षेत्र में ज्यादातर बनी रहती है, लेकिन बारिश का सही समय पर पर जाना स्थानीय किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। संवाद
विज्ञापन
-----------------
बारिश ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल में सोमवार रात से रुक-रुक कर हो रही बारिश मंगलवार तक जारी रही। इससे आम आदमी परेशान दिखा। वहीं किसान वर्ग की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी मवेशियों के चारे के लिए उठानी पड़ी। क्योंकि बीच-बीच में बहुत तेज बारिश हो रही थी। किसान सुभाष सिंह ने कह कि अब उनको ज्यादा बारिश नहीं चाहिए, क्योंकि उनको खेतों में लगी गेहूं की फसल के लिए तो बारिश ठीक थी, दूसरी तरफ उनके निचले खेतों में लगी गेहूं की फसल के लिए ज्यादा बारिश ठीक नहीं। क्योंकि वहां ज्यादा पानी इकट्ठा होने से फसल खराब होने का डर बन जाएगा। संवाद