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सीमा पर शांति पर सहमति सकारात्मक कदम: जीओसी

Sat, 27 Feb 2021 11:58 AM IST
करिश्मा चिब अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू-कश्मीर
अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू-कश्मीर Published by: करिश्मा चिब Updated Sat, 27 Feb 2021 11:58 AM IST
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Agreement on peace on border is a positive steps : GOC
सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवान - फोटो : PTI

उत्तरी कश्मीर में सेना की कमांड संभालने वाले किलो फॉर्स के कमांडर मेजर जनरल एचएस साही ने शुक्रवार को कहा कि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच संघर्ष विराम समझौता सही दिशा में उठाया गया एक सकारात्मक कदम है। इसके बावजूद सुरक्षाबल पूरी तरह सतर्क और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। पत्रकारों से बात करते हुए जीओसी मेजर जनरल साही ने कहा कि जब सीमा पर शांति होगी तो हम दूसरी ओर अपना ध्यान लगाएंगे। कहा, उत्तरी कश्मीर में स्थिति नियंत्रण में है। यहां करीब 65 आतंकी सक्रिय हैं।

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एलओसी पर बर्फ कम होने के चलते उस इलाके में जवानों गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं। कहा, सीमा पार से घुसपैठ या हथियार भेजने जैसी सभी गतिविधियां रोकी जानी चाहिए। उम्मीद है कि समझौता के नतीजे जमीन पर देखने को मिलेंगे। संघर्ष विराम उल्लंघन मूल रूप से आतंकवादियों को सीमा पार करने में सहायता करने के लिए होता आया है। जीओसी ने कहा कि घाटी में इस समय करीब 210 से 215 आतंकी सक्रिय हैं। करीब 140 दक्षिण तथा 60-65 आतंकी उत्तरी कश्मीर में मौजूद हैं। उत्तरी कश्मीर में सक्रिय आतंकियों में करीब 20 स्थानीय और अन्य विदेशी हैं।
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यह चिंता का विषय है, परंतु भारतीय सेना इनसे निपटने में सक्षम है। उत्तरी कश्मीर में संक्रिय टीआरएफ और पीएएफएफ जैसी तंजीमें लश्कर-ए-ताइबा का मुखौटा हैं। हिजबुल मुजाहिदीन का नामोनिशान नहीं है सिर्फ लश्कर सक्रिय है। कुछ आतंकी जैश और अल-बद्र के हैं जोकि अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करते रहते हैं। कमांडर ने कहा कि उत्तरी कश्मीर में हालातों को सुधारने के लिए और युवाओं को गलत राह पर जाने से रोकने के लिए सेना द्वारा समय-समय कर कई सकारात्मक कदम उठाए जाते हैं। कई बार युवाओं और उनके परिवारों के लिए काउंसिलिंग सेशन भी आयोजित किये जाते हैं।
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इनमें बताया जाता है कि आतंकवाद का रास्ता गलत है। यही कारण है कि सेना उत्तरी कश्मीर में आतंकी संगठनों को स्थानीय भर्ती के मामले में चुनौती दे पाई है। इस इलाके में बहुत काम स्थानीय युवा आतंकवाद का रास्ता अपना रहे हैं। वर्ष 2020 में केवल 18 स्थानीय युवाओं ने बंदूक थामी। इनमें केवल 3 सक्रिय हैं। अन्य कुछ ने आत्मसमर्पण किया और कुछ मारे गए। बांदीपोरा में 2021 में अभी तक एक ही स्थानीय युवक राह भटका था उसे भी पांच दिन में मुख्यधारा में शामिल कर लिया गया।

घुसपैठ वाले इलाको में सेना का मूवमेंट शुरू

इस वर्ष उत्तरी कश्मीर से सटी एलओसी पर बर्फ कम थी। इसे ध्यान में रखते हुए एलओसी और उससे सटे आंतरिक इलाकों में सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया गया है।  इतना ही नहीं जिन इलाकों में बर्फ पिघलने के बाद आगे बढ़ा जा सकता था वहां फॉरवर्ड मूवमेंट शुरू कर दी गई है। जीओसी ने कहा कि सेना ने उन इलाकों में मूवमेंट शुरू कर दी गई हैं जहां से आतंकी दाखिल होते हैं।

जीओसी ने कहा कि अब तक एलओसी के पार आतंकियों की मूवमेंट के बारे कोई पुष्ट इनपुट नहीं हैं, लेकिन हम स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। गर्मियों के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारी कर ली है। घाटी में शांतिपूर्ण वातावरण अधिक पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

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