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केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
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अखनूर में दि रिटायर्ड सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज वार्यिस वेलफेयर के सदस्य प्रदर्शन करते हुए।
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अखनूर। दि रिटायर्ड सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज वार्यिस वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक वीरवार को अखनूर में हुई। इसकी अध्यक्षता जोनल प्रधान सुरजीत सिंह ने की। बैठक में मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने कहा कि गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले सभी सशस्त्र बलों के साथ सुविधाओं के नाम पर हमेशा भेदभाव हो रहा है।
एक जनवरी 2004 से नई पेंशन योजना लागू कर दी गई, जबकि शस्त्रबलों पर यह योजना लागू नहीं होनी चाहिए थी। सीमा पर शस्त्रबल के जवान 24 घंटे मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रहे हैं। सीमा की रक्षा करते हुए आए दिन जवान वीरगति को प्राप्त हो रहे हैं। जवान पुरानी पेंशन योजना पाना चाहते हैं। रिटायरमेंट के बाद सम्मानित जीवन जीने के लिए पेंशन जरूरी है। पेंशन पाना सुरक्षा बल का अधिकार है। सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। शस्त्रबलों के 14 लाख कर्मचारी हाजिरी सर्विस और इतने ही सेवानिवृत्त कर्मचारी हर क्षेत्र में सरकार की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। गृह मंत्रालय के आधीन आने वाले शस्त्रबल किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह सब देशभक्त हैं। सरकार इनके साथ भेदभाव करना बंद करे। हमारी मांगों पर अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो जबरदस्त आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
बैठक में सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। बैठक में सोमनाथ शर्मा, थोडू राम, बोद्धयाज, मोहम्मद मजीद, नाणेच दक्त, बलदेव राज शर्मा आदि मौजूद रहे।
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एक जनवरी 2004 से नई पेंशन योजना लागू कर दी गई, जबकि शस्त्रबलों पर यह योजना लागू नहीं होनी चाहिए थी। सीमा पर शस्त्रबल के जवान 24 घंटे मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रहे हैं। सीमा की रक्षा करते हुए आए दिन जवान वीरगति को प्राप्त हो रहे हैं। जवान पुरानी पेंशन योजना पाना चाहते हैं। रिटायरमेंट के बाद सम्मानित जीवन जीने के लिए पेंशन जरूरी है। पेंशन पाना सुरक्षा बल का अधिकार है। सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। शस्त्रबलों के 14 लाख कर्मचारी हाजिरी सर्विस और इतने ही सेवानिवृत्त कर्मचारी हर क्षेत्र में सरकार की उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। गृह मंत्रालय के आधीन आने वाले शस्त्रबल किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह सब देशभक्त हैं। सरकार इनके साथ भेदभाव करना बंद करे। हमारी मांगों पर अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो जबरदस्त आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
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बैठक में सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। बैठक में सोमनाथ शर्मा, थोडू राम, बोद्धयाज, मोहम्मद मजीद, नाणेच दक्त, बलदेव राज शर्मा आदि मौजूद रहे।