आरएस पुरा। सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन महासचिव दर्शन चौहान ले कहा कि पेंशन नियमों के बारे में अधिनियम 1972 का कार्यान्वयन, जिसमें केवल सात प्रतिशत अर्धसैनिक बलों के लिए आरक्षित है। जबकि 93 प्रतिशत नागरिक के लिए एक साथ संयुक्त है। जहां अर्धसैनिक बलों के लिए नियम को नागरिक से अलग किया जाना चाहिए। सेना की तर्ज पर पैरामिलिट्री के जवानों का अधिकारियों को पूर्व सैनिक को दर्जा दिया जाए।
वह रविवार को प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सीसीएस नियमों के बजाय सशस्त्र बलों की सेवा और पेंशन नियमों को अलग करें और नई पेंशन योजना (एनपीएस) से सशस्त्र बलों को छूट देने के साथ वन रैंक वन पेंशन ओआरओपी रक्षा बलों के समान। सीएसडी से मिलने वाली शराब पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैक्स हटाया जाए। उन्होंने सरकार से अर्धसैनिक बलों के जवानों की वास्तविक मांगों को स्वीकार करने की अपील की। प्रेसवार्ता में विक्की महाजन, कीर्तन सिंह, यशपाल उपाध्यक्ष, जनक राज, बलबीर सिंह, दीप कुमार व मेला राम आदि भी मौजूद रहे।