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कई समस्याओं से घिरे हैं सौहल के विस्थापित
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माइग्रेंट कैंप कोडेबाला सौहल के विस्थापित प्रदर्शन करते हुए।
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अखनूर। माईग्रेट कैंप कोडेबाला सौहल में रह रहे विस्थापितों की दयनीय हालत होने पर लोगों ने सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मूलभूत सुविधाएं दिए जाने की मांग की।
मंगलवार को माईग्रेंट कैंप में बड़ी संख्या में विस्थापितों ने बिजली, पानी सहित अन्य सुविधाएं नहीं मिलने पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी विकसित हुए कई साल हो गए, मगर मूलभूत सुविधाएं अभी तक मुहैया नहीं कराई गई हैं। बिजली, पानी समय पर नहीं मिलता। गर्मी में यह समस्या और विकराल हो जाती है। कारगिल युद्ध के समय सीमावर्ती क्षेत्र छंब गांव समोया चपरेयाल से आए थे। सरकार ने हमें पांच-पांच मराले का प्लाट दिया। सीमा पर गोलाबारी के चलते हमने अपने आशियाने बनाए लेकिन हम आज बड़ी परेशानी से जी रहे हैं। लोगों ने पैसे एकत्रित करके बोरिंग कराई। हमारे राशन कार्ड नए नहीं हुए। बच्चे जवान हो गए, उनके नाम राशन कार्ड में दर्ज नहीं किए जा रहे। चुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को भी ज्ञापन दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। कॉलोनी में रात को कीडे़, सांप के काटे जाने पर कई लोगों की जान जा चुकी है। गलियां नालियां तक नहीं बनीं हैं। गांव चपरायल सीमा से सटा है जो सेना के अधीन है उसका भी मुआवजा नहीं दिया गया।
प्रदर्शन में सोनू, विजय वराल, सुरेश कूमार आरती देवी, प्रिया वराल, आरती, पोली आदि शामिल रहे।
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मंगलवार को माईग्रेंट कैंप में बड़ी संख्या में विस्थापितों ने बिजली, पानी सहित अन्य सुविधाएं नहीं मिलने पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कॉलोनी विकसित हुए कई साल हो गए, मगर मूलभूत सुविधाएं अभी तक मुहैया नहीं कराई गई हैं। बिजली, पानी समय पर नहीं मिलता। गर्मी में यह समस्या और विकराल हो जाती है। कारगिल युद्ध के समय सीमावर्ती क्षेत्र छंब गांव समोया चपरेयाल से आए थे। सरकार ने हमें पांच-पांच मराले का प्लाट दिया। सीमा पर गोलाबारी के चलते हमने अपने आशियाने बनाए लेकिन हम आज बड़ी परेशानी से जी रहे हैं। लोगों ने पैसे एकत्रित करके बोरिंग कराई। हमारे राशन कार्ड नए नहीं हुए। बच्चे जवान हो गए, उनके नाम राशन कार्ड में दर्ज नहीं किए जा रहे। चुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को भी ज्ञापन दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां स्वास्थ्य सुविधा नहीं है। कॉलोनी में रात को कीडे़, सांप के काटे जाने पर कई लोगों की जान जा चुकी है। गलियां नालियां तक नहीं बनीं हैं। गांव चपरायल सीमा से सटा है जो सेना के अधीन है उसका भी मुआवजा नहीं दिया गया।
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प्रदर्शन में सोनू, विजय वराल, सुरेश कूमार आरती देवी, प्रिया वराल, आरती, पोली आदि शामिल रहे।