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जेडईओ के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग
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शिक्षा विभाग ज्यौडियां के अधिकारी के खिलाफ पंचायत बकोर के लोगों ने किया प्रदर्शन
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ज्यौड़ियां। खौड़ की पंचायत बकोर के लोगों ने मंगलवार को गर्ल्स मिडिल स्कूल तथा ब्वायज मिडिल स्कूल में स्टाफ की कमी को लेकर जेडईओ के खिलाफ सड़क पर उतर आए। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
पंचायत निवासी बुजुर्ग राम सिंह ने बताया कि स्कूल में बच्चों के कहने पर हमने पंचायत के लोगों के साथ मंगलवार को स्कूल का दौरा किया। वहां पाया कि दोनों स्कूलों में स्टाफ की कमी है। लड़कियों के स्कूल में सिर्फ एक ही अध्यापिका है। अन्य स्टाफ दूसरे स्थानों पर अटैच हैं। राम सिंह ने बताया कि जहां केंद्र सरकार देश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दावे कर रही है, चिकित्सा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई को हिंदी में कर रही है, लेकिन यहां स्कूलों में पढ़ाने वाला कोई नहीं है। हमारे बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडराता दिख रहा है। यह सब जेडईओ की लापरवाही का नतीजा है।
बकोर निवासी प्रदीप सिंह सहित अन्य कई लोगों ने बताया कि पंचायत के दोनों स्कूलों में स्टाफ की कमी है। हम लोग इस विषय में जेडईओ से भी कई बार बात कर चुके हैं। इसके बावजूद स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए कोई भी पहल नहीं की जा रही है। हम लोगों के साथ अधिकारी की तरफ से टालमटोल किया जाता है। हम लोग बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत परेशान हैं। कुछ अभिभावक की तरफ से बच्चों को निकाल कर किसी अन्य स्कूल में प्रवेश कराने का भी मन बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अगर जल्द स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया गया तो हम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे।
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बकोर के दोनों मिडिल स्कूल एक साथ काम कर रहे हैं। वहां आठ अध्यापक पढ़ा रहे हैं।
-मदन लाल, जेडईओ, ज्यौड़ियां
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पंचायत निवासी बुजुर्ग राम सिंह ने बताया कि स्कूल में बच्चों के कहने पर हमने पंचायत के लोगों के साथ मंगलवार को स्कूल का दौरा किया। वहां पाया कि दोनों स्कूलों में स्टाफ की कमी है। लड़कियों के स्कूल में सिर्फ एक ही अध्यापिका है। अन्य स्टाफ दूसरे स्थानों पर अटैच हैं। राम सिंह ने बताया कि जहां केंद्र सरकार देश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दावे कर रही है, चिकित्सा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई को हिंदी में कर रही है, लेकिन यहां स्कूलों में पढ़ाने वाला कोई नहीं है। हमारे बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडराता दिख रहा है। यह सब जेडईओ की लापरवाही का नतीजा है।
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बकोर निवासी प्रदीप सिंह सहित अन्य कई लोगों ने बताया कि पंचायत के दोनों स्कूलों में स्टाफ की कमी है। हम लोग इस विषय में जेडईओ से भी कई बार बात कर चुके हैं। इसके बावजूद स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए कोई भी पहल नहीं की जा रही है। हम लोगों के साथ अधिकारी की तरफ से टालमटोल किया जाता है। हम लोग बच्चों के भविष्य को लेकर बहुत परेशान हैं। कुछ अभिभावक की तरफ से बच्चों को निकाल कर किसी अन्य स्कूल में प्रवेश कराने का भी मन बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अगर जल्द स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया गया तो हम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में प्रदर्शन करेंगे।
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बकोर के दोनों मिडिल स्कूल एक साथ काम कर रहे हैं। वहां आठ अध्यापक पढ़ा रहे हैं।
-मदन लाल, जेडईओ, ज्यौड़ियां