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ग्रिड स्टेशन में कर्मचारियों का किया घेराव
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अखनूर बिजली कटौती को लेकर ग्रिड स्टेशन में प्रदर्शन करते लोग।
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अखनूर। कस्बे में दो सप्ताह से बिजली कटौती को लेकर लोगों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। मांग की कि क्षेत्र में बिजली कटौती का समाधान किया जाए।
रविवार दोपहर बाद काफी संख्या में दुकानदार और स्थानीय लोग मेन चौक पर एकत्रित हुए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुचारु करने के लिए कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने ग्रिड स्टेशन में नारेबाजी करके कर्मचारियों का घेराव किया। पार्षद राकेश मल्होत्रा ने कहा कि एक सप्ताह से बिजली में भारी कटौती होने से बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऊपर से भीषण गर्मी में लोगों को बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के लिए सूचना भी दी गई, मगर इसके बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
प्रदर्शनकारी अशोक गुप्ता ने कहा कि भीषण गर्मी में लोगों खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को बिजली कटौती से बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग को समस्या का समाधान करना चाहिए। प्रदर्शन में डीएन अबरोल, रंजीत गुप्ता, विपिन गुप्ता, अमित गुप्ता, मोहन सिंह आदि शामिल रहे।
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बिजली कटौती से परगवालवासी परेशान
परगवाल। गर्मी शुरू होने के साथ ही बिजली की आंख मिचौनी से लोग जूझने लगे हैं। फाल्ट की मरम्मत के नाम पर कटौती जारी है। सीमा क्षेत्र परगवाल के लोग परेशान हैं। क्षेत्र में कई-कई घंटे तक बिजली कटौती जारी है। सबसे ज्यादा बुरा हाल शनिवार और रविवार को रहा। क्षेत्र में कई घंटों तक बिजली गुल रही। बिजली कटौती से रोजमर्रा की जिंदगी पटरी से उतरने लगी है, लेकिन बिजली विभाग लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए गंभीर नहीं हैं। स्थानीय निवासी सुखदेव सिंह, रमेश सिंह, अजय सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों या कर्मचारियों को जब भी कटौती के बारे में फोन लगाया जाता है तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाते हैं। बिजली पीछे से बंद है, का बहाना बना लेते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिजली कटौती का यही हाल रहा तो वह आने वाले दिनों में प्रदर्शन करेंगे। संवाद
बिजली की अघोषित कटौती से परेशानी
सांबा। बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की अघोषित कटौती से हर वर्ग परेशान है। बिजली आपूर्ति का कोई समय नहीं है। स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह, सुरिंद्र सिंह, दीपक चौधरी, कुलदीप कुमार आदि ने बताया कि बिजली का कोई समय ही नहीं है। बढ़ती गर्मी से लोग पहले से ही परेशान है। ऐसे में बिजली की कटौती लोगों को रुला रही है। आम लोगों के साथ किसान भी दुबिधा में हैं। किसानों ने धान की पनीरी की बिजाई कर दी है। बिजली की अघोषित कटौती से धान की पनीरी को पानी की कमी बनी हुई है।
सनद रहे की बिजली कटौती को लेकर भाजपा नेता भी सड़कों पर आ गए हैं। गत दिवस घगवाल में भाजपा नेताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। आज भी दिन भर बिजली की आंख मिचौनी जारी रही। इससे कस्बे में पानी की किल्लत बनी रही। संवाद
अरनिया में मात्र छह घंटे ही हो रही बिजली आपूर्ति
अरनिया। क्षेत्र में इन दिनों बिजली की अघोषित कटौती लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि चौबीस घंटों में मात्र छह घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है।
वहीं रविवार को भी इसी अंतराल की कटौती जारी रही। स्थानीय निवासी रोमेश लाल, सनी कुमार, रविंदर शर्मा, बंटी शर्मा व राजिंदर कुमार उपभोक्ताओं ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से बिजली की बार-बार ट्रिपिंग होने से कई बिजली उपकरण भी जल गए हैं। बिजली गुल रहने से पानी की आपूर्ति भी बाधित हो रही है। बार-बार बिजली की ट्रिपिंग के बारे में जब कर्मचारियों से बात की जाती है तो पीछे से हो रही आपूर्ति में फाल्ट आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से बिजली आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है। वहीं संबंधित क्षेत्र के एईई केवल कृष्ण का कहना है कि इन दिनों नार्थ ग्रिड ओवरलोड होने से बिजली की कटौती हो रही है। वहीं से ही बड़ी लाइन को काट दिया जाता है, वहीं तापमान में दिन प्रतिदिन हो रही बढ़ोतरी का भी इस पर असर पड़ रहा है, जिससे चाह कर भी लाइन को स्टैंड नहीं कर सकते। अगर कोशिश भी करते हैं तो एक दो मिनट में ही बंद हो जाती है।
मात्र 8 आठ घंटे ही उपलब्ध हो रही बिजली
आरएस पुरा। गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अघोषित बिजली कटौती के चलते लोगों में रोष व्याप्त होने पर की जा रही कटौती को बंद करने की मांग की जा रही है।
पंच रुचि डोगरा का कहना है कि इन दिनों 24 घंटे में मात्र 7-8 आठ घंटे ही बिजली उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी में पानी का स्तर नीचे चले जाने पर पानी का संकट गहराने पर भी दिक्कत आ रही है। पूर्व सरपंच किशोर कुमार का कहना है कि एक ओर गर्मी की मार दूसरी और बिजली की अघोषित कटौती से लोगों का जीना मुहाल है। उन्होंने कहा कि रात में भी सुचारु रूप से बिजली नही की जा रही, जिसके चलते छोटे बच्चों व बुजुर्ग को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मीरां साहिब बाजार कमेटी की ओर से रविवार को बैठक का आयोजन कर सोमवार को बिजली विभाग व सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किए जाने की घोषणा की गई।
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रविवार दोपहर बाद काफी संख्या में दुकानदार और स्थानीय लोग मेन चौक पर एकत्रित हुए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुचारु करने के लिए कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने ग्रिड स्टेशन में नारेबाजी करके कर्मचारियों का घेराव किया। पार्षद राकेश मल्होत्रा ने कहा कि एक सप्ताह से बिजली में भारी कटौती होने से बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऊपर से भीषण गर्मी में लोगों को बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के लिए सूचना भी दी गई, मगर इसके बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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प्रदर्शनकारी अशोक गुप्ता ने कहा कि भीषण गर्मी में लोगों खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को बिजली कटौती से बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग को समस्या का समाधान करना चाहिए। प्रदर्शन में डीएन अबरोल, रंजीत गुप्ता, विपिन गुप्ता, अमित गुप्ता, मोहन सिंह आदि शामिल रहे।
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बिजली कटौती से परगवालवासी परेशान
परगवाल। गर्मी शुरू होने के साथ ही बिजली की आंख मिचौनी से लोग जूझने लगे हैं। फाल्ट की मरम्मत के नाम पर कटौती जारी है। सीमा क्षेत्र परगवाल के लोग परेशान हैं। क्षेत्र में कई-कई घंटे तक बिजली कटौती जारी है। सबसे ज्यादा बुरा हाल शनिवार और रविवार को रहा। क्षेत्र में कई घंटों तक बिजली गुल रही। बिजली कटौती से रोजमर्रा की जिंदगी पटरी से उतरने लगी है, लेकिन बिजली विभाग लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए गंभीर नहीं हैं। स्थानीय निवासी सुखदेव सिंह, रमेश सिंह, अजय सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों या कर्मचारियों को जब भी कटौती के बारे में फोन लगाया जाता है तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाते हैं। बिजली पीछे से बंद है, का बहाना बना लेते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिजली कटौती का यही हाल रहा तो वह आने वाले दिनों में प्रदर्शन करेंगे। संवाद
बिजली की अघोषित कटौती से परेशानी
सांबा। बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की अघोषित कटौती से हर वर्ग परेशान है। बिजली आपूर्ति का कोई समय नहीं है। स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह, सुरिंद्र सिंह, दीपक चौधरी, कुलदीप कुमार आदि ने बताया कि बिजली का कोई समय ही नहीं है। बढ़ती गर्मी से लोग पहले से ही परेशान है। ऐसे में बिजली की कटौती लोगों को रुला रही है। आम लोगों के साथ किसान भी दुबिधा में हैं। किसानों ने धान की पनीरी की बिजाई कर दी है। बिजली की अघोषित कटौती से धान की पनीरी को पानी की कमी बनी हुई है।
सनद रहे की बिजली कटौती को लेकर भाजपा नेता भी सड़कों पर आ गए हैं। गत दिवस घगवाल में भाजपा नेताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। आज भी दिन भर बिजली की आंख मिचौनी जारी रही। इससे कस्बे में पानी की किल्लत बनी रही। संवाद
अरनिया में मात्र छह घंटे ही हो रही बिजली आपूर्ति
अरनिया। क्षेत्र में इन दिनों बिजली की अघोषित कटौती लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि चौबीस घंटों में मात्र छह घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है।
वहीं रविवार को भी इसी अंतराल की कटौती जारी रही। स्थानीय निवासी रोमेश लाल, सनी कुमार, रविंदर शर्मा, बंटी शर्मा व राजिंदर कुमार उपभोक्ताओं ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से बिजली की बार-बार ट्रिपिंग होने से कई बिजली उपकरण भी जल गए हैं। बिजली गुल रहने से पानी की आपूर्ति भी बाधित हो रही है। बार-बार बिजली की ट्रिपिंग के बारे में जब कर्मचारियों से बात की जाती है तो पीछे से हो रही आपूर्ति में फाल्ट आने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से बिजली आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है। वहीं संबंधित क्षेत्र के एईई केवल कृष्ण का कहना है कि इन दिनों नार्थ ग्रिड ओवरलोड होने से बिजली की कटौती हो रही है। वहीं से ही बड़ी लाइन को काट दिया जाता है, वहीं तापमान में दिन प्रतिदिन हो रही बढ़ोतरी का भी इस पर असर पड़ रहा है, जिससे चाह कर भी लाइन को स्टैंड नहीं कर सकते। अगर कोशिश भी करते हैं तो एक दो मिनट में ही बंद हो जाती है।
मात्र 8 आठ घंटे ही उपलब्ध हो रही बिजली
आरएस पुरा। गर्मी के बीच बिजली की अघोषित कटौती के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अघोषित बिजली कटौती के चलते लोगों में रोष व्याप्त होने पर की जा रही कटौती को बंद करने की मांग की जा रही है।
पंच रुचि डोगरा का कहना है कि इन दिनों 24 घंटे में मात्र 7-8 आठ घंटे ही बिजली उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी में पानी का स्तर नीचे चले जाने पर पानी का संकट गहराने पर भी दिक्कत आ रही है। पूर्व सरपंच किशोर कुमार का कहना है कि एक ओर गर्मी की मार दूसरी और बिजली की अघोषित कटौती से लोगों का जीना मुहाल है। उन्होंने कहा कि रात में भी सुचारु रूप से बिजली नही की जा रही, जिसके चलते छोटे बच्चों व बुजुर्ग को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मीरां साहिब बाजार कमेटी की ओर से रविवार को बैठक का आयोजन कर सोमवार को बिजली विभाग व सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किए जाने की घोषणा की गई।