फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Agencies finding roots of ISIS in kashmir valley

EXCLUSIVE: आखिर कश्मीर में काले झंडों में क्यों दफ्न किए जा रहे हैं आतंकियों के शव?

Sat, 05 Aug 2017 07:11 PM IST
राकेश भट्ट,अमर उजाला/जम्मू
राकेश भट्ट,अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 05 Aug 2017 07:11 PM IST
विज्ञापन
Agencies finding roots of ISIS in kashmir valley
काले झंडों में दफ्न किए जा रहे हैं आतंकी - फोटो : फाइल फोटो

घाटी में हाल में ही मारे गए आतंकियों में से तीन आतंकियों को काले झंडे में लपेटकर दफनाने की गुत्थी को सुलझाने में देश की सुरक्षा एजेंसियां जुट गई हैं। दरअसल, कश्मीर में अधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन आईएस की सक्रियता नहीं है, ऐसे में अगर पाकिस्तान के झंडे को छोड़कर आईएस के झंडे में आतंकियों को लपेटकर दफनाया जा रहा है तो इसका लिंक खोजना जरूरी हो जाता है।

विज्ञापन


ईराक और सीरिया में सक्रिय बगदादी के नेतृत्व वाले आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) के काले झंडे तो कश्मीर में प्रदर्शन और पत्थरबाजी के दौरान अक्सर दिखते रहे हैं, लेकिन कोई आतंकी या उसका संगठन यहां अभी तक इसके लिए सक्रिय नहीं दिखा।
विज्ञापन


हिज्ब को छोड़कर दुर्दांत आतंकी जाकिर मूसा ने कश्मीर में आजादी की जंग न बताकर इसे शरीयत और इस्लामिक स्टेट की लिए जंग बताकर आईएस की वैचारिकता का समर्थन जरूर कुछ समय पहले किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

Agencies finding roots of ISIS in kashmir valley
Terrorist - फोटो : google

इसी कड़ी में अलकायदा ने मूसा को अंसर गजबत उल हिंद संगठन का चीफ बनाने की घोषणा की थी। हालांकि अलकायदा के प्रस्ताव पर मूसा ने हामी नहीं भरी है। वैसे तो अलकायदा और आईएस एक-दूसरे के विरोधी हैं, लेकिन इस्लामिक स्टेट व शरीयत को लेकर इनकी विचारधारा एक ही है।

सूत्रों के अनुसार मूसा की विचारधारा का समर्थन मारे जा चुके आतंकी लश्कर कमांडर रहे अबु दुजाना, आरिफ, सज्जाद गिलकर, मुख्तार अहमद, आरिफ सहित 10-11 दुर्दांत आतंकी कर रहे थे। इसके बाद हाल ही में मारे गए दुजाना का शव पाकिस्तान द्वारा न लेने पर इनमें से सेना द्वारा ऑपरेशन ऑल आउट में ढेर किए गए सज्जाद गिलकर, मुख्तार अहमद लोन और आरिफ के शव काले झंडे (आईएस) में लपेटकर दफनाए गए हैं।

इससे पहले पिछले साल बुरहान को मार गिराए जाने के बाद भी प्रदर्शन के दौरान व उसके शव परकाले झंडे देखे गए पर दफन के समय उस पर हरे रंग का झंडा ही डाला गया। ऐसे में अब आईएस के झंडे में शवों को लपेटने के मामले बढ़ने पर इसे पाकिस्तानी आकाओं की नाफरमानी भी माना जा रहा है। यह भी एजेंसियों के लिए एक बड़ी जांच का विषय है।

ऑपरेशन ऑल आउट की सूची में अब मूसा टॉप पर

Agencies finding roots of ISIS in kashmir valley
Indian Army

सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि काले झंडे में शवों को दफनाने का माजरा आईएस की घाटी में सक्रियता तो नहीं? हालांकि सबसे प्रबल संभावना सुरक्षा एजेंसियों को इसकी लग रही है कि ऑपरेशन ऑल आउट में तेजी से आतंकियों के सफाये व हुर्रियत नेताओं पर नकेल के चलते एजेंसियों व सेना को गुमराह करने के लिए संगठनों ने ऐसा जानबूझकर किया है, जोकि उनकी बौखलाहट भी हो सकती है।

लश्कर के टॉप कमांडर अबु दुजाना को मार गिराने के बाद अब सेना के ऑपरेशन ऑल आउट की सूची में मूसा टॉप पर है। नई विचारधारा अपनाकर हिज्ब से अलग होने के बाद सेना उसे कुछ करने का मौका नहीं देना चाहती। गौरतलब है कि सेना के इस ऑपरेशन में 258 स्थानीय व विदेशी आतंकियों की सूची तैयार करने के बाद इसमें से करीब 125 आतंकी ढेर किए जा चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed