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Jammu News: छह हजार घरों में घुसा पानी<bha>;</bha> एक हजार में मलबा, 150 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त

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After Flash Flood, Water Enter Houses, 150 Houses Collapse
पीरखो में सिर पर बिस्तर पकड़े हुए आदमी जा रहा।संवाद
छह हजार घरों में घुसा पानी, एक हजार में मलबा तो 150 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त होने का अनुमान
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- घरों में इलेक्ट्रानिक सामान खराब, मरम्मत के लिए पहुंच रहे लोग,
- सोमवार-मंगलवार को बारिश से हुआ है सबसे करोड़ों रुपये का नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मूसलाधार बारिश से शहर में छह हजार से ज्यादा घरों में जलभराव हुआ। एक हजार के आसपास घरों में मलबा भरा और लगभग 150 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। शहर भर में नुकसान का आकलन कर रही विभिन्न विभागों की टीमों से इस आंकड़े का पता चला है।
26 अगस्त को हुई बारिश से काफी तबाही मची। पानी ओवरफ्लो होने के कारण लोगों के घरों में जा घुसा। इससे घरों में रखा सामान खराब हो गया। जिला प्रशासन की टीमें शहरभर में नुकसान का आकलन कर रही हैं। हर घर में जाकर रिपोर्ट बनाई जा रही है। इन टीमों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारियों की सेवाएं ली जा रही है। आंकलन पूरा होने के बाद रिपोर्ट को सौंपी जाएगी और बनता मुआवजा सरकार की ओर से दिया जाएगा।
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हालात यह हैं कि चौथे दिन भी घरों में मलबा भरा पड़ा है। कई घरों में दरारें आईं हैं तो कहीं पर दीवारें गिर गईं हैं। जिन घरों में पानी घुसा है। यहां पर बिजली उपकरण, बेड, अलमारी को भी नुकसान हुआ है। इस कारण बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब परिवारों को पेश आई है। घरों में फ्रिज टीवी, लैपटाॅप, बेड, अल्मारियां, इंडक्शन सहित अन्य घरेलू सामान खराब हुआ है।
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शहर के प्रभावित इलाके
मुट्ठी, राजेंद्र नगर, पीरखो, गुज्जर नगर, राजीव नगर, जानीपुर, तालाब तिल्लो, कैलाश नगर, जीवन नगर, सैनिक कालोनी, गंग्याल, अपना बिहार, संजय नगर, कुंजवानी सहित अन्य इलाकों में सबसे अधिक नुकसान होने की सूचना है।
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खराब इलेक्ट्रानिक सामान ठीक कराने आ रहे लोग
बारिश से घरों में पड़ा लोगों का ज्यादा इलेक्ट्रानिक सामान खराब हुआ है। बारिश से पंखे, मोबाइल, फ्रीज, टीवी, इंडक्शन, लैपटाप, वाशिंग मशीन आदि को नुकसान हुआ है। लोग घरों में सामान की मरम्मत कराने के लिए मैकेनिकों को बुला रहे हैं। तालाब तिल्लो में बिजली उपकरणों की दुकान करने वाले श्याम सिंह ने कहा कि लोग इलेक्क्ट्रानिक सामान ठीक करवाने आ रहे हैं। कुछ उपकरणों में करंट आने जैसी समस्या आ रही है। फिलहाल उपकरण ठीक कर वापस दिए जा रहे हैं।
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फर्नीचर को भी क्षति
घरों में पानी घुसने के कारण घरों में प्लाईवुड से बने फर्नीचर को नुकसान पहुंचा है। बेड से प्लाई बाहर आ गई है तो अलमारी का भी बुरा हाल हो गया है। बारिश के दौरान से दो से तीन फुट तक लोगों के घरों में पानी घुसा। इस कारण फर्नीचर को नुकसान हुआ है। परेड में फर्नीचर की दुकान करने वाले कुशाल सिंह ने कहा कि हर साल नए घरों के लिए तीन से दस लाख तक फर्नीचर की खरीद होती है। बारिश से प्लाईवुड को काफी नुकसान पहुंचना है। अब फिर से डिमांड आ रही है।
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सड़क किनारे खड़े वाहनों को नुकसान
सड़क, नालों और समतल जगहों में खड़े वाहनों को भी नुकसान हुआ है। बारिश का पानी पड़ने से वाहन स्टार्ट नहीं हो रहे। इस कारण मरम्मत के लिए लोग सर्विस सेंटर में जा रहे हैं। शहरभर में करीब 200 वाहनों में तकनीकी खराबी आई है। मलबा व पेड़ गिरने से 50 से ज्यादा वाहनों का नुकसान हुआ है। कुछ जगहों में सड़कों पर पानी आने के कारण वाहन डूबे रहे हैं। वार्ड नंबर 31 के पूर्व पार्षद सुच्चा सिंह और वार्ड नंबर 19 के पूर्व पार्षद अमित गुप्ता ने कहा कि सड़कों पर जलभराव रहा। वाहन पानी में डूबे रहे। ऐसे में अब वाहन स्टार्ट नहीं हो रहे हैं।
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इन वार्डों में सबसे ज्यादा नुकसान
वार्ड नंबर 32, 61 और 72 में इलाका निचला होने के कारण समतल इलाकों में पानी रुका रहा है। इस कारण इन वार्डों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। खेतों से पानी सीधा घरों में आ गया है। इस कारण लोगों को सामान को बचाने का मौका नहीं मिल रहा है। फिलहाल, अब लोग मलबा हटाने और अन्य कार्यों में लगे हैं।
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नगर निगम को सचेता किया था : पूर्व पार्षद
वार्ड नंबर 74 के पूर्व पार्षद शौकत अली, 73 से प्रो. युद्धवीर सेठी, 75 से घार सिंह, वार्ड नंबर 28 से गौरव चोपड़ा, वार्ड नंबर 71 से शमा अख्तर ने कहा कि पहले भी आपदा को लेकर नगर निगम को सचेत किया गया मगर ध्यान नहीं दिया गया। कुछ जगहों में प्रबंध किए गए हैं मगर कुछ इलाकों में समाधान नहीं हो पाए हैं। इस कारण जल भराव की स्थिति रही है। नालियों, नालों को गहरा करने की जरूरत है। नए सिरे से निर्माण होने से समस्या हल होगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों से भी शहरवासियों को राहत नहीं मिली है। करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इस तरह का मंजर 2017 और 18 में रहा है।

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कोट
बारिश के बाद राहत बहाली के काम शुरू किए गए हैं। अधिकांश इलाकों में समस्याओं का निदान किया गया है। शेष बचे इलाकों में भी काम पूरा किया जाएगा। नालियों और नालों को खोला जा रहा है।
- डाॅ. विनोद शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
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