उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के आने के बाद जम्मू-कश्मीर में बदल रही है कार्यप्रणाली, ये रिपोर्ट है गवाह
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प्रदेश में नए उपराज्यपाल के आने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और क्राइम ब्रांच की विभिन्न मामलों की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले एक महीने में एसीबी ने प्रदेश में एक दर्जन से अधिक मामलों की जांच कर एफआईआर दर्ज की और चालान पेश किए हैं, जबकि चार से पांच मामले क्राइम ब्रांच जम्मू ने भी दर्ज किए हैं। उधर, सीबीआई भी कई मामलों की जांच की तैयारी कर रहा है। एसीबी ने साल के पहले सात महीने में प्रदेश में 21 से 22 मामलों की जांच की थी।
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बता दें कि एसीबी की सीधी कमान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के हाथ में है। सिन्हा राजनीतिक बैकग्राउंड से हैं। ऐसे में सिन्हा ने एसीबी को जोर देकर कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त कर्मियों और अफसरों पर सख्ती से कार्रवाई करें। लंबित मामलों की जांच को पूरा करें।
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सूत्रों की मानें तो अगले चार महीने तक एसीबी की ओर से भ्रष्टाचार को लेकर पहुंची शिकायतों की ताबड़तोड़ जांच होगी। नगर निगम, राजस्व विभाग, सीएपीडी, बैंक, औद्योगिक इकाइयां और अन्य विभाग एसीबी के राडार पर हैं।
एसीबी के एक अफसर ने बताया कि अगले कुछ महीनों में मामलों की जांच में तेजी लाई जाएगी। बहुत से विभागों के खिलाफ शिकायतें पड़ी हैं। जिनकी जांच की जा रही है। कुछ की जांच पूरी हो चुकी है। कुछ राजनीतिक लोगों की धांधलियां भी उजागर हो सकती हैं।