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Jammu News: दाखिला प्रक्रिया पूरी, देर से आया कानून याद
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जम्मू। नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों की दाखिला प्रक्रिया होने के बाद विभाग को शिक्षा के अधिकार कानून की याद आया है। विभाग ने राजकीय भूमि पर बने निजी स्कूलों को आरईटी के तहत प्री-प्राइमरी से पहली कक्षा तक आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को 25 फीसदी प्रवेश देने का निर्देश दिया है। साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारियों को राजकीय भूमि पर चल रहे स्कूलों की सूची बनाने को कहा है।
स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर ने यह आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अब निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। स्कूल शिक्षा आदेश जारी कर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। जबकि सच्चाई ये है कि प्रदेश के अधिकांश निजी स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश नहीं देते हैं। अप्रैल माह के 4 दिन बचे हैं और अब विभाग ने आदेश जारी किया है। कश्मीर संभाग में बड़ी संख्या में निजी स्कूल राजकीय भूमि पर चल रहे हैं। ये स्कूल न सरकार को इस भूमि का पैसा देते हैं और न ही आरईटी के तहत बच्चों को दाखिला दे रहे हैं। अब स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर को आरईटी कानून की याद आई और सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से इस कानून को जमीनी स्तर पर लागू करने को कहा है। साथ ही कश्मीर संभाग में कितने स्कूल सरकारी भूमि से चल रहे हैं उनकी भी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
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स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर ने यह आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अब निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। स्कूल शिक्षा आदेश जारी कर सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। जबकि सच्चाई ये है कि प्रदेश के अधिकांश निजी स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्रवेश नहीं देते हैं। अप्रैल माह के 4 दिन बचे हैं और अब विभाग ने आदेश जारी किया है। कश्मीर संभाग में बड़ी संख्या में निजी स्कूल राजकीय भूमि पर चल रहे हैं। ये स्कूल न सरकार को इस भूमि का पैसा देते हैं और न ही आरईटी के तहत बच्चों को दाखिला दे रहे हैं। अब स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर को आरईटी कानून की याद आई और सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से इस कानून को जमीनी स्तर पर लागू करने को कहा है। साथ ही कश्मीर संभाग में कितने स्कूल सरकारी भूमि से चल रहे हैं उनकी भी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
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