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Jammu News: वाइब्रेट विलेज में दूरसंचार और टेलीविजन संपर्क मजबूत करें
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- मुख्य सचिव ने सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज गांव के कार्यों की समीक्षा की
बीएसएनएल और प्रसार भारती से करें समन्वय
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में कमियों की पहचान कर सुधारात्मक हस्तक्षेप करें। दूरसंचार और टेलीविजन संपर्क को मजबूत करने के लिए बीएसएनएल और प्रसार भारती के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। संबंधित विभाग अपनी ग्राम कार्य योजनाओं के अंतर्गत सभी विषयगत क्षेत्रों को शामिल करने के लिए रोडमैप तैयार करें।
यह बातें मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कही। वह रविवार को जम्मू और कश्मीर में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण (वीवीपी-II) की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने चिन्हित गांवों में सड़क संपर्क, दूरसंचार सेवाओं, टेलीविजन पहुंच और विद्युत आपूर्ति जैसे कार्यों में कमियों की पहचान करने के लिए व्यापक सर्वेक्षण करने को कहा। बैठक में
अपर मुख्य सचिव योजना आशीष चंद्र वर्मा ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज के दूसरे चरण में केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित पहल है, जिसका राष्ट्रीय परिव्यय 2024-25 से 2028-29 के लिए 6,839 करोड़ रुपयेे है। जनजातीय कार्य विभाग के सचिव ने बैठक में बताया कि जम्मू-कश्मीर के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत 8 जिलों के 43 सीमावर्ती ब्लॉकों के 124 रणनीतिक गांवों को केंद्रित विकास के लिए चुना गया है। इस योजना के तहत सीमावर्ती जिले बारामुला, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोेरी और पुंछ के 1421 गांवों को कवर किया जा रहा है।
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बारामुला और कुपवाड़ा में घरों में डीटीएच सुविधा दी जाएगी
सूचना और संचार की कमी को दूर करने के लिए विशेष रूप से बारामुला और कुपवाड़ा के सीमावर्ती ब्लॉकों में टेलीविजन सेट वाले घरों को डीटीएच सुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं। पारदर्शिता और वास्तविक समय की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, डिजिटल वीवीपी पोर्टल चालू कर दिया गया है। जिला नोडल अधिकारियों ने स्थानीय सरकार निर्देशिका (एलजीडी) कोडों का सत्यापन पूरा कर लिया है और वे ग्राम कार्य योजनाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव योजना, अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि विभाग, सचिव जनजातीय मामले, संबंधित उपायुक्त और संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
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बीएसएनएल और प्रसार भारती से करें समन्वय
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में कमियों की पहचान कर सुधारात्मक हस्तक्षेप करें। दूरसंचार और टेलीविजन संपर्क को मजबूत करने के लिए बीएसएनएल और प्रसार भारती के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। संबंधित विभाग अपनी ग्राम कार्य योजनाओं के अंतर्गत सभी विषयगत क्षेत्रों को शामिल करने के लिए रोडमैप तैयार करें।
यह बातें मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कही। वह रविवार को जम्मू और कश्मीर में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण (वीवीपी-II) की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने चिन्हित गांवों में सड़क संपर्क, दूरसंचार सेवाओं, टेलीविजन पहुंच और विद्युत आपूर्ति जैसे कार्यों में कमियों की पहचान करने के लिए व्यापक सर्वेक्षण करने को कहा। बैठक में
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अपर मुख्य सचिव योजना आशीष चंद्र वर्मा ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज के दूसरे चरण में केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित पहल है, जिसका राष्ट्रीय परिव्यय 2024-25 से 2028-29 के लिए 6,839 करोड़ रुपयेे है। जनजातीय कार्य विभाग के सचिव ने बैठक में बताया कि जम्मू-कश्मीर के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत 8 जिलों के 43 सीमावर्ती ब्लॉकों के 124 रणनीतिक गांवों को केंद्रित विकास के लिए चुना गया है। इस योजना के तहत सीमावर्ती जिले बारामुला, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोेरी और पुंछ के 1421 गांवों को कवर किया जा रहा है।
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बारामुला और कुपवाड़ा में घरों में डीटीएच सुविधा दी जाएगी
सूचना और संचार की कमी को दूर करने के लिए विशेष रूप से बारामुला और कुपवाड़ा के सीमावर्ती ब्लॉकों में टेलीविजन सेट वाले घरों को डीटीएच सुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्रित प्रयास किए जा रहे हैं। पारदर्शिता और वास्तविक समय की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, डिजिटल वीवीपी पोर्टल चालू कर दिया गया है। जिला नोडल अधिकारियों ने स्थानीय सरकार निर्देशिका (एलजीडी) कोडों का सत्यापन पूरा कर लिया है और वे ग्राम कार्य योजनाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव योजना, अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि विभाग, सचिव जनजातीय मामले, संबंधित उपायुक्त और संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।