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ग्रेटर कैलाश में राज्य भूमि पर बनी 16 दुकानें सील
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जम्मू। राजस्व विभाग ने मंगलवार को बाहु तहसील के तहत फव्वारा चौक ग्रेटर कैलाश में एक व्यापक अभियान चलाकर सरकारी भूमि पर बनाई गई 16 दुकानों को सील किया है। राज्य भूमि पर कुल 21 ढांचों का निर्माण किया गया है, जिसमें कार्रवाई के दौरान दो मालिक पांच ढांचों पर न्यायालय का स्टे ले आए, जिसके बाद अन्य सभी को सील कर दिया गया। इन दुकानदारों को दुकाने खाली करने के लिए तीन दिन पहले नोटिस जारी किए गए थे। कार्रवाई के बाद विभागीय सील को तोड़ने पर एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान होगा।
जिला प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल और अन्य संबंधित विंगों के साथ शाम को सीलिंग अभियान शुरू किया। विभागीय टीमों के पहुंचने पर अफरा तफरी का माहौल रहा। लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में दुकानदार ज्यादा विरोध नहीं कर पाए। बताया जाता है कि अधिकांश दुकानों को आगे किराये पर दिया गया है। इसके साथ लगती अन्य राज्य भूमि को 7-8 माह पहले खाली करवाकर पीडीडी को रिसीविंग स्टेशन बनाने के लिए दिया था। इसके अलावा अन्य दो कनाल भूमि जेडीए को हस्तांतरित कर दिया था।
जबकि अन्य राज्य भूमि पर अवैध तरीके से ढांचे खड़े कर दिए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई स्थल पर करीब 14 कनाल भूमि थी, जिसमें 6-7 कनाल पर राज्य भूमि के बोर्ड लगा दिए गए थे, जिसके बाद अन्य भूमि पर लोगों ने ढांचे खड़े कर दिए थे। उनके अनुसार सीलिंग कार्रवाई से पहले नोटिस देने के कारण अधिकांश दुकानदारों ने अपना सामान निकाल लिया था। लेकिन कुछ दुकानदारों का सामान भीतर ही रहा है। अगर दुकानदार न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हैं तो राजस्व विभाग न्यायपालिका में अपना पक्ष रखकर राज्य भूमि को वापस लेगा।
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जिला प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल और अन्य संबंधित विंगों के साथ शाम को सीलिंग अभियान शुरू किया। विभागीय टीमों के पहुंचने पर अफरा तफरी का माहौल रहा। लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में दुकानदार ज्यादा विरोध नहीं कर पाए। बताया जाता है कि अधिकांश दुकानों को आगे किराये पर दिया गया है। इसके साथ लगती अन्य राज्य भूमि को 7-8 माह पहले खाली करवाकर पीडीडी को रिसीविंग स्टेशन बनाने के लिए दिया था। इसके अलावा अन्य दो कनाल भूमि जेडीए को हस्तांतरित कर दिया था।
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जबकि अन्य राज्य भूमि पर अवैध तरीके से ढांचे खड़े कर दिए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई स्थल पर करीब 14 कनाल भूमि थी, जिसमें 6-7 कनाल पर राज्य भूमि के बोर्ड लगा दिए गए थे, जिसके बाद अन्य भूमि पर लोगों ने ढांचे खड़े कर दिए थे। उनके अनुसार सीलिंग कार्रवाई से पहले नोटिस देने के कारण अधिकांश दुकानदारों ने अपना सामान निकाल लिया था। लेकिन कुछ दुकानदारों का सामान भीतर ही रहा है। अगर दुकानदार न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हैं तो राजस्व विभाग न्यायपालिका में अपना पक्ष रखकर राज्य भूमि को वापस लेगा।
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