दयाला चक में बड़ा हादसा: सवारियां उठाने की होड़ में दो बसों ने नौ वाहनों को रौंदा, महिला की मौत, 4 घायल
जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला कठुआ के दयाला चक में करीब 11 वाहन आपस में टकरा गए। ओवर स्पीड बसों के चलते एक के बाद एक वाहन टकराते गए।
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जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर दयाला चक में जम्मू से कठुआ जा रही तेज रफ्तार दो बसों ने सवारियां उठाने की होड़ में नौ वाहनों को रौंद डाला। हादसे में एक महिला की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसा इतना भीषण था कि एक के बाद एक वाहन टकराते चले गए और जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग भी सहम गए। हादसे का शिकार वाहनों में दो मोटरसाइकिल और शेष कारें हैं।
दयाला चक में हाईवे के विस्तारीकरण के चलते यहां जाम लगने पर वाहन धीमी गति से चल रहे थे। इसी दौरान जम्मू से कठुआ रूट की दो बसें (जेके08 एल1503) व (जेके02 बीए7247) तेज रफ्तार से आईं और नौ वाहनों को रौंद डाला। इससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से वाहनों में फंसे घायलों को निकालकर उप जिला अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में एक बाइक पर सवार मनजीत कौर पत्नी किशोर कुमार निवासी नरोट जैमल सिंह (पंजाब) की मौत हो गई। उसके पति की हालत गंभीर बनी हुई है। अन्य तीन घायलों की पहचान साहिल सिंह निवासी जंडोर (कठुआ), अभिषेक सिंह निवासी घाटी और ललिता देवी निवासी पथवाल (हीरानगर) के रूप में हुई है। हादसे के कारण हाईवे पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। यातायात सुचारु करने के लिए यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस को कई घंटे मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सवारियां कहती रहीं धीरे चलो बस चालक ने नहीं सुनी बात
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा ओवरस्पीड के कारण हुआ है। हीरानगर मोड़ से दोनों बस चालक अधिक से अधिक सवारियां बिठाने के चक्कर में एक-दूसरे को ओवरटेक कर रहे थे। बस में सवार अमरजीत सिंह ने बताया कि कई बार केबिन में बैठे लोगों ने बस चालक को धीरे चलने के लिए कहा, लेकिन उसने एक न सुनी। इस रूट पर चलने वाली बसों के चालक अक्सर इसी तरह से ओवरस्पीड और ओवरलोडिंग में चलते हैं, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
इन बसों के चालक ओवरटेकिंग के चक्कर में कई बार प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल इस तरह से करते हैं कि छोटे वाहन चालकों को डरकर सड़क से नीचे उतरना पड़ता है। यात्री शीतला देवी ने कहा कि बस में सवार सभी लोगों ने चालक को धीमी गति से चलने के लिए कहा लेकिन उसने गति धीमी करने के बजाय लोगों को नीचे उतरने की धमकी दी और कहा कि अगर कोई परेशानी है तो दूसरी बस में आ जाओ।
जम्मू-कठुआ रूट के बस चालकों की तेज रफ्तार के बारे में कई बार लोग शिकायत कर चुके हैं। तेज रफ्तार के साथ ओवरलोडिंग और प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों ने कहा कि यातायात विभाग को इस हादसे से सबक लेना चाहिए और बस चालकों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।