'तो कश्मीर की फिजा में आएगा भूचाल'
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राज्य में तीन बार मुख्यमंत्री रहे फारूक ने रविवार को कहा कि भाजपा की मंशा भयावह है और विशेष दर्जा हटने से जम्मू-कश्मीर में अशांति फैल सकती है।
फारूक ने कहा, ‘ 370 को लेकर भाजपा की योजनाएं मुझे चिंतित कर रही हैं। इस अनुच्छेद के तहत ही हमें महात्मा गांधी और भारत सरकार ने विशेष दर्जा दिया था।
लेकिन भाजपा अपना उद्देश्य पूरा करने के लिए कुछ भी कर सकती है। इस संवेदनशील राज्य में ध्रुवीकरण की कोशिश होगी, जिस तरह पूरे देश में किया गया। इसके लिए भाजपा किसी से भी समझौता कर सकती है।’
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मालूम हो कि चार दशकों में ऐसा पहली बार होगा कि ब्रिटेन में किडनी का इलाज करा रहे 77 वर्षीय फारूक इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के प्रचार का नेतृत्व नहीं कर पाएंगे।
इस संबंध में उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा बल्लेबाज हूं, जिसका इलाज चल रहा है लेकिन मैदान में जाने को बेताब हूं।’ 370 हटाने के परिणामों के प्रति चेताते हुए फारूक ने कहा कि ऐसा करने से युवाओं के दिमाग पर असर पड़ेगा और हम कभी शांति कायम नहीं कर पाएंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी के संबंध में उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि अनुच्छेद 370 को लेकर वह आरएसएस की धारा से अलग कुछ कर पाएंगे। वह दिन देश के लिए महान दिन होगा जब वह इस मसले पर राज्य के लोगों का विचार समझ पाएंगे।’
पूर्व अलगाववादी नेता सज्जाद लोन से भाजपा के समझौते की चर्चा पर उन्होंने कहा कि जो लोग कश्मीर की स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक थे, उन्हें आज भाजपा लुभा रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या राज्य की बदहाली के लिए ऐसे लोगों को जिम्मेदार नहीं मानना चाहिए।