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जम्मू-कश्मीरः करीब एक लाख रिफ्यूजी मतदाता कर पाएंगे पहली बार मतदान
Fri, 06 Nov 2020 10:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 06 Nov 2020 10:49 AM IST
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मतदान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
जिला विकास परिषद के आठ चरणों में होने जा रहे चुनाव पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों के चेहरे पर भी खुशी लेकर आएंगे। सात दशक में पहली बार वह प्रदेश में पंचायत स्तरीय चुनाव में मतदान कर पाएंगे। राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा के एलान के बाद शरणार्थी परिवारों में उत्साह है।
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जम्मू कश्मीर में पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों के करीब साढ़े बाइस हजार परिवार रहते हैं। इनकी जनसंख्या डेढ़ लाख से ज्यादा हैं और करीब एक लाख मतदाता हैं। अनुच्छेद 370 के रहते शरणार्थी परिवारों को केवल लोकसभा चुनाव में ही वोट डालने का अधिकार था। विधानसभा चुनाव हो या फिर स्थानीय निकाय और पंचायती चुनाव इन्हें वोट डालने का अधिकार नहीं था।
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अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद प्रदेश में जिला विकास परिषद के होने जा रहे चुनाव में पाकिस्तान के शरणार्थियों को भी वोट डालने का अधिकार मिल गया हैं। राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा ने कहा पश्चिमी पाकिस्तान के रिफ्यूजी भी वोट डाल सकते हैं। जो इन परिवारों के सदस्य अब तक वोटर के तौर पर पंजीकृत नहीं हैं। वह भी जल्द खुद को पंजीकृत करवा लें।
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पश्चिमी पाकिस्तान के रिफ्यूजियों के संगठन के अध्यक्ष लब्बा राम गांधी ने कहा कि सात दशक से जिस दिन का इंतजार कर रहे थे वह अब हासिल हो गया हैं। नागरिकता मिलने के अलावा अब हर चुनाव में वोट डालने का अधिकार मिलने से युवाओं में उत्साह है। इस खुशी का इजहार करने के लिए सांबा जिले के स्वांखा मोढ़ स्थित अपने कार्यालय में वीरवार को नाच गाकर खुशी व्यक्त की जाएगी।