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जब पत्थर से निकला खून...
बिंदू/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 25 Aug 2014 05:03 PM IST
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मंदिरों के शहर जम्मू से पंद्रह किलोमीटर की दूरी पर स्थित रूपनगर में भगवान शिव का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह सिर्फ मंदिर ही नहीं बल्कि अपने आप में बहुत बड़े पौराणिक इतिहास को समेटे हुए है। इस मंदिर में लोग भगवान शिव की आराधना करने के लिए आते हैं।
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मंदिर में कई सारी मूर्तियां और शिवलिंग स्थापित हैं लेकिन इस मंदिर में एक शिवलिंग ऐसा है जो सबके लिए खास है और उसका अपना महत्व है। इसी की वजह से यह मंदिर 'आप शंभू मंदिर' के नाम से विख्यात है। मंदिर के बीचो-बीच परिसर में पत्थर रूपी शिवलिंग मौजूद है जो अपनी इतिहास की कहानी को बखूबी के साथ बयान करता है।
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मंदिर के पुजारी ने बताया कि यह मंदिर काफी पुराना है। आप शंभू मंदिर और इसके आस-पास के इलाके में पुराने समय में घने जंगल हुआ करते थे। उस दौरान कोई गुज्जर व्यक्ति अपने मवेशियों को जंगल में घास चराने के लिए लाया करता था।
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उसके मवेशियों के झुंड में से एक दुधारू गाय भी थी जो काफी दूध देती तो थी लेकिन उसका सारा दूध उस व्यक्ति के परिवार को कभी मिला नहीं। इस बात से गुज्जर अपनी दुधारू गाय से काफी परेशान रहता था। वह अक्सर देखता था कि उसकी गाय बाकी मवेशियों के साथ घास चरने के दौरान अचानक ही दो तीन घंटे के लिए गायब होने के बाद खुद ही वापस आ जाती थी।
उस दिन व्यक्ति ने फैसला किया अपने मवेशियों को घास चराने के दौरान वह गाय के साथ ही रहेगा। उस दिन भी गाय अचानक गायब होकर जंगल के दूसरी छोर की तरफ चली गई, पीछे-पीछे वह भी चल दिया, आगे जाकर उसने देखा कि गाय एक स्थान पर खड़ी है और उसके थनों से दूध की धारा अपने आप ही बहती जा रही है।
गुज्जर उस जगह पहुंचा तो वहां उसे एक पत्थर दिखा, इस पर झुंझलाए गुज्जर ने गुस्से में आकर अपनी कुल्हाड़ी से उस पत्थर पर जोरदार प्रहार कर दिया जिससे उस पत्थर के दो हिस्से हो गए और उससे खून बहने लगा। गुज्जर ने घर पहुंचकर आस-पास रहने वाले लोगों को घटना की जानकारी दी।
तभी सभी लोगों ने उस स्थान पर पहुंचकर पूजा अर्चना कर भगवान शिव से क्षमा याचना की। तभी से इस मंदिर को आप शंभू मंदिर का नाम मिल गया। जिसका मतलब है कि भगवान शिव, जहां पत्थर रूपी शिवलिंग के रूप में कलयुग में लोगों को दर्शन देने के लिए अवतरित हुए हैं।