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अस्थायी तौर पर दमकल गाड़ी होती, तो यह नुकसान न होता
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बाड़ी ब्राह्मणा। गत दिन सुचेतगढ़ और आरएस पुरा ब्लाक के गांव में आग ने तांडव दिखाया। किसानों की लगभग 20 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग से पांच गांव के किसान प्रभावित हुए। साथ ही जिनकी फसल कट चुकी थी, और खेतों में पड़ी थी, जिसे भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया। गांव के किसान दमकल विभाग को कोस रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पहले अस्थायी तौर पर दमकल की गाड़ी क्षेत्र में खड़ी कर दी जाती तो हमारा यह नुकसान न होता।
किसानों ने बताया कि हमने अखबार के माध्यम से दमकल विभाग और सरकार के सामने आग्रह किया था की अस्थायी तौर पर इन क्षेत्रों में एक गाड़ी खड़ी कर देनी चाहिए, जिससे आग पर जल्द ही काबू पाया जा सके। उनकी बात को विभाग और सरकार ने अनदेखा किया। इसका खामियाजा उन्हें सैकड़ों कनाल गेहूं की फसल राख होने से उठाना पड़ा है।
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आग से हर साल हमें जूझना पड़ता है। दमकल विभाग और सरकार के पास अस्थायी तौर पर ही गाड़ी का कोई प्रावधान नहीं है, जिसके कारण हर साल हमें इस समस्या से जूझना पड़ता है। सैकड़ों कनाल गेहूं की फसल जलकर राख हो जाती ह।ै
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-बलविंदर कुमार, किसान
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अरनिया, आरएस पुरा और सुचेतगढ़ बहुत बड़े ब्लॉक हैं। इनके अधीन काफी बड़े-बड़े गांव आते हैं। ज्यादातर इनमें गेहूं की फसल लगाई जाती है, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी आरएस पुरा या अन्य ब्लॉक पहुंचती है, तब तक फसल जलकर राख हो चुकी होती है। इसलिए दमकल विभाग को इस समस्या को गंभीरता से समझना चाहिए।
-प्यारा सिंह, किसान
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जैसे ही आग लग गई चारों ओर अफरातफरी मच गई। आग की लपटें इतनी दूर-दूर तक जा रही थी। उसके पास जाना असंभव था। फिर भी ग्रामीणों ने कोशिश की और ट्रैक्टर वह मिट्टी से आग पर थोड़ा बहुत काबू पा लिया। जब तक दमकल गाड़ी पहुंची तब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था।
-प्रभात सिंह, किसान
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मेरी सारी फसल इस आग की चपेट में आ गई है। मेरी सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। मैं दाने के लिए भी मोहताज हो चुका हूं। अगर दमकल विभाग हमारी समस्याओं को प्राथमिकता देती तो आज हमारे साथ ऐसा न होता।
-गिरधारी लाल, किसान
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किसानों ने बताया कि हमने अखबार के माध्यम से दमकल विभाग और सरकार के सामने आग्रह किया था की अस्थायी तौर पर इन क्षेत्रों में एक गाड़ी खड़ी कर देनी चाहिए, जिससे आग पर जल्द ही काबू पाया जा सके। उनकी बात को विभाग और सरकार ने अनदेखा किया। इसका खामियाजा उन्हें सैकड़ों कनाल गेहूं की फसल राख होने से उठाना पड़ा है।
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आग से हर साल हमें जूझना पड़ता है। दमकल विभाग और सरकार के पास अस्थायी तौर पर ही गाड़ी का कोई प्रावधान नहीं है, जिसके कारण हर साल हमें इस समस्या से जूझना पड़ता है। सैकड़ों कनाल गेहूं की फसल जलकर राख हो जाती ह।ै
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-बलविंदर कुमार, किसान
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अरनिया, आरएस पुरा और सुचेतगढ़ बहुत बड़े ब्लॉक हैं। इनके अधीन काफी बड़े-बड़े गांव आते हैं। ज्यादातर इनमें गेहूं की फसल लगाई जाती है, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी आरएस पुरा या अन्य ब्लॉक पहुंचती है, तब तक फसल जलकर राख हो चुकी होती है। इसलिए दमकल विभाग को इस समस्या को गंभीरता से समझना चाहिए।
-प्यारा सिंह, किसान
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जैसे ही आग लग गई चारों ओर अफरातफरी मच गई। आग की लपटें इतनी दूर-दूर तक जा रही थी। उसके पास जाना असंभव था। फिर भी ग्रामीणों ने कोशिश की और ट्रैक्टर वह मिट्टी से आग पर थोड़ा बहुत काबू पा लिया। जब तक दमकल गाड़ी पहुंची तब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया था।
-प्रभात सिंह, किसान
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मेरी सारी फसल इस आग की चपेट में आ गई है। मेरी सारी मेहनत पर पानी फिर गया है। मैं दाने के लिए भी मोहताज हो चुका हूं। अगर दमकल विभाग हमारी समस्याओं को प्राथमिकता देती तो आज हमारे साथ ऐसा न होता।
-गिरधारी लाल, किसान