जब एक साथ जलीं 34 चिताएं, छलक पड़ी आंखें
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बाढ़ में बह गई बस के 34 यात्रियों के शवों का शनिवार को सामूहिक अंतिम संस्कार कर दिया गया। राजपुरा इलाके के लोगों और प्रशासन द्वारा बस यात्रियों के सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पुलिस और प्रशासन के मुताबिक 14 शव बस में से मिले जबकि अन्य 20 शव सेना द्वारा चलाए जा रहे अभियान के दौरान दो से तीन किलोमीटर दूर नाले में से बरामद किए गए।
अन्य की सेना द्वारा तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि सेना द्वारा बस शत्रियों की तलाश में अब तक 13 से 14 किलोमीटर इलाका खंगाल लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि बीते बुधवार को करीब 65 बारातियों से भरी बस राजापुरा से लाम जा रही थी। इस दौरान बस अभी कलीमा के पास ही पहुंची थी कि बाढ़ के तेज बहाव में आकर बह गई। बस सवारों में से केवल तीन यात्री की कूदकर जान बचा पाए थे।
शवों की तलाश तीसरे दिन भी जारी
बारातियों के शवों की तीसरे दिन शनिवार को भी तलाश जारी रही। अब तक 33 शवों को लाया गया। शनिवार को दूल्हा समेत छह शवों को उपजिला अस्पताल नौशेरा लाया गया।
जिनकी पहचान दूल्हा सुखविंदर सिंह, धनजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, दलवीर सिंह, गुरदेव कौर, गुरमीत कौर के रूप में हुई।
एक शव उपजिला अस्पताल में पहले लाया गया था, जिसकी पहचान दलवीर कौर निवासी राजपुर भाटा के रूप में हुई है। उपजिला अस्पताल नौशेरा में जब शवों को लाया गया तो सभी की आंखें नम हो गईं।
शहनाई वाले घर में छाया रहा मातम
राजपुर भाटे में जहां चार दिन पहले खुशी के ढोल-बाजे बज रहे थे, वहीं शुक्रवार व शनिवार को एक साथ दर्जनों शवों को जलाया गया। जिससे वहां मातम छाया रहा।
शनिवार को दूल्हे के शव को अन्य शवों के साथ जब उसके घर पहुंचाया गया तो बिलखते परिवार को देख सभी की आंखें भर आई थीं।