दुबई में बैठा मास्टरमाइंड: जम्मू में आकाश संभालता था कमान, 70 करोड़ के लेनदेन ने खोली नेटवर्क की परतें
जम्मू पुलिस की जांच में 111 सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों के जरिए 70 करोड़ से अधिक के लेनदेन वाले नेटवर्क का दुबई कनेक्शन सामने आया है। मुख्य आरोपी आकाश आनंद जम्मू-कश्मीर में इसकी कमान संभालता था, जबकि पुलिस अब दुबई में बैठे असली सरगना और हवाला व आतंकी फंडिंग से संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
विस्तार
111 सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों के जरिये 70 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का मामला अब देशभर में फैले नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन दुबई से किया जा रहा था।
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मुख्य आरोपी आकाश आनंद जम्मू-कश्मीर में इस नेटवर्क को संभालता था और वो पांच से वहां से काम करता था। हालांकि पुलिस की जांच में संकेत मिले हैं कि नेटवर्क का असली सरगना कोई और है जो दुबई में बैठा है और अलग-अलग राज्यों में फैले इस पूरे तंत्र को चला रहा है।
पुलिस के अनुसार आकाश आनंद को जम्मू-कश्मीर में फर्जी बैंक खाते खुलवाने और उनके जरिये पैसे का लेनदेन करवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इन खातों में अलग-अलग माध्यमों से रकम पहुंचाई जाती थी और फिर उसे आगे ट्रांसफर किया जाता था। जांच में अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस रकम का स्रोत क्या था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल बैंक खातों और सिम कार्ड तक सीमित नहीं था। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह के खाते खुलवाकर पैसों का लेनदेन किया जा रहा था। राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में इस नेटवर्क होने के संकेत मिले है। पुलिस अब इस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और मुख्य सरगना की पहचान करने में जुटी है। आकाश के विदेश में होने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए भी कदम उठाए जा
रहे हैं।
उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस पहले ही जारी हुआ और पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी चल रही है। इस नेटवर्क की जांच तेजी से चल रही है। जम्मू पुलिस ने करीब तीन महीने से इस नेटवर्क की जांच कर रही है और हर एक परते खोल रही है।
हवाला से आतंकी फंडिंग तक हर पहलू की जांच
पुलिस इस मामले में हवाला कारोबार, साइबर अपराध और आतंकी फंडिंग के संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी खातों के जरिये भेजी गई रकम का इस्तेमाल किन गतिविधियों में हुआ। जांच एजेंसियां बैंक खातों, सिम कार्ड और लेनदेन की कड़ियां जोड़कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।