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जम्मू-कश्मीर: छोटी पार्टियां, बड़ा चंदा! बिना चुनाव लाखों की फंडिंग ने खड़े किए सवाल

Sat, 12 Sep 2026 01:45 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Sat, 12 Sep 2026 01:45 PM IST
सार

प्रदेश में राजनीतिक दलों के चंदे का हिसाब सामने आया है, जिसमें सीमित संगठन वाली छोटी पार्टियों ने लाखों रुपये का फंड जुटाया है।

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A major racket involving donations to small parties has come to light in the state.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में छोटी पार्टियों के चंदे का बड़ा खेल सामने आया है। सतह तक सीमित राजनीतिक दल चंदे में बड़े दलों को पीछे छोड़ रहे हैं। खास बात यह है कि चंदे की उगाही बीते वित्त वर्ष के दौरान हुई है और इस अवधि में प्रदेश के भीतर कोई भी चुनाव नहीं हुआ है।

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राजनीतिक दलों ने बीते वित्त वर्ष में जो हिसाब निर्वाचन विभाग को दिया है उसमें तीन लाख रुपये से ज्यादा की वसूली होने की बात दर्ज है। एक साल में ऐसे राजनीतिक दल जिनका संगठन कुछ जिलों में सीमित है लाखों में चंदा हासिल कर रहे हैं। निर्वाचन विभाग की मोहलत के बाद दलों के बहीखातों का हिसाब लगातार सामने आ रहा है और इन आंकड़ों को सार्वजनिक किया जा रहा है।

निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों को 31 अक्तूबर तक चंदे की उगाही का हिसाब सार्वजनिक करने की मोहलत दी है। अब तक जिन राजनीतिक दलों ने हिसाब सार्वजनिक किया है उनमें जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी को सबसे ज्यादा 3,73,436 मिले हैं। अपनी पार्टी श्रीनगर के चुनिंदा हिस्सों में बीते कुछ महीनों से सक्रिय है।

इसके अलावा डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) चंदा उगाही के मामले में दूसरे नंबर पर है। पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की इस पार्टी ने विधानसभा के दौरान 23 सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन एक भी सीट पर जीत नहीं मिली है।

इसके बाद लोकसभा चुनाव में महज 0.79 प्रतिशत वोट ही पार्टी को मिल पाए थे। पार्टी प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने डीपीएपी की कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। यानि पार्टी का कोई बड़ा चेहरा इस समय प्रदेश में नहीं है, इसके बावजूद पार्टी को मिलने वाला फंड बंद नहीं हुआ है। इसके अलावा जेकेपीडीएफ को 1,19,152 और नेशनल अवामी युनाइटेड पार्टी को 1,01,385 रुपये चंदे के रूप में मिले हैं। प्रदेश के सभी 20 जिलों में इन पार्टियों की न तो कार्यकारिणी है और न ही विधानसभा में कोई सदस्य है। 

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  •  एक भी चुनाव न जीतने के बावजूद चंदा उगाही में राजनीतिक दल सक्रिय
  •  आयोग ने सार्वजनिक की रिपोर्ट, 30 अक्तूबर तक की दी मोहलत


पिपुल्स कॉन्फ्रेंस के पास है अपना विधायक
निर्वाचन विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर पिपुल्स कॉन्फ्रेंस इकलौती ऐसी पार्टी है जिसके पास एक विधायक है। पार्टी को चंदे के रूप में इस बार 2,64,125 रुपये मिले हैं। हालांकि यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष है और इस अवधि के दौरान कोई चुनाव नहीं हुए हैं। यानि पिपुल्स कॉन्फ्रेंस को छोटी पार्टी होने के बावजूद चंदा लगातार मिल रहा है।

गैर पंजीकृत सभी राजनीतिक दलों को वित्तीय वर्ष में हासिल चंदे की जानकारी देने को कहा है। किस राजनीतिक पार्टी को कितना चंदा अब तक मिल चुका है, इसकी जानकारी दी जा रही है। राजनीतिक दलों को 31 अक्तूबर तक जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। -अनिल सलगोत्रा, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी

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