पाक के निशाने पर भारत की 40 चौकियां और 90 गांव
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सीमा पार से घुसपैठ कराने में नाकाम हो रहा पाकिस्तान बौखला गया है। रविवार को सीमा पर तनाव भरा सन्नाटा रहा। पर सोमवार को पाकिस्तान फिर अपनी नापाक हरकतों पर उतर आया।
रविवार की चुप्पी के बाद पाक रेंजरों ने सोमवार को दोपहर से ही सांबा, रामगढ़, हीरानगर और कठुआ सेक्टर में सरहद की 40 से अधिक चौकियों और करीब 90 सीमांत गांवों को निशाना बनाकर मोर्टारों और मशीनगनों से गोले बरसाने शुरू कर दिए।
उनके गोले सीमा से चार किलोमीटर भीतर तक मार कर रहे थे। इस गोलाबारी में सांबा सेक्टर के खोरा बीओपी पर तैनात बीएसएफ की नौवीं वाहिनी के देवेंद्र कुमार सिंह (निवासी आगरा) शहीद हो गए। दो अन्य जख्मी हुए हैं। कुछ ग्रामीण भी घायल हुए हैं। भारत की ओर से भी मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
बुरी तरह से बौखलाया पाकिस्तान गणतंत्र दिवस पर बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसी के चलते सोमवार को घने कोहरे का फायदा उठाकर सीमा के उस पार मौजूद ट्रेंड आतंकियों की बड़े पैमाने पर घुसपैठ कराने के मकसद से युद्घस्तर पर गोलाबारी शुरू की गई। हीरानगर सेक्टर के सभी शिक्षण संस्थान अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं।
सोची समझा साजिश के तहत सीमांत गांवों पर निशाना
बीएसएफ की चौकियों पर गोलाबारी करने के साथ ही पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा एक सोची समझा साजिश के तहत सीमांत गांवों को भी निशाना बनाया जा रहा है। जिला उपायुक्त कठुआ शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि पाकिस्तानी मोर्टार सीमा के चार किलोमीटर तक इलाके में गिर रहे हैं।
ऐसे में प्रशासन के लिए राहत अभियान चलाना भी मुश्किल हो गया है। कठुआ जिले में सीमा से सटे करीब 57 गांवों के लोगों की जान जोखिम में है। 20 हजार से अधिक ग्रामीण राहत शिविरों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। सोमवार दोपहर से पाकिस्तान की ओर से जारी गोलाबारी और इसकी बढ़ती रेंज के बाद सीमांत तथा आसपास के गांवों के हजारों लोग भी घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों को चले गए।
कठुआ और सांबा सेक्टर में सीमा से सटे अधिकतर गांवों को खाली करा लिया गया है। बीएसएफ के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक सीमा के उस पार भारी संख्या में आतंकियों का जमावड़ा है। साफ है कि पाकिस्तान गोलाबारी और शेलिंग की आड़ में भारी संख्या में आतंकियों को घुसपैठ कराने की फिराक में है।
उल्लेखनीय है कि खुफिया एजेंसियों ने रविवार को जमात उद दावा के संस्थापक एवं लश्कर के चीफ हाफिज सईद को भी सरहद के पार देखे जाने का दावा किया था। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस क्षमता की गोलाबारी पाकिस्तान की ओर से की जा रही है कि उससे स्पष्ट है कि इसमें पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठन भी शामिल हैं।
धमाकों से थर्रा उठे सीमांत गांव
सीमा पर बिगड़े हालात के बीच फिर हुई गोलाबारी से अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे गांव बम धमाकों से थर्रा उठे। यहां ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। एक रणनीति के तहत पाकिस्तान ने पूरे हीरानगर सेक्टर में एकसाथ सीमांत इलाकों पर भीषण गोलाबारी शुरू कर दी।
जम्मू-कश्मीर सहित पंजाब से सटी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भी धमाकों की आवाज गूंजती रही। कठुआ शहर से सटे नगरी कसबे में एक के बाद एक कई धमाके सुनाई दिए।
हीरानगर और मढ़ीन तहसील के सीमावर्ती गांवों से लोगों का सुरक्षित स्थानों के लिए विस्थापन का सिलसिला जारी है।