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हत्यारोपी को उम्र कैद
Updated Tue, 02 Oct 2018 01:52 AM IST
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जम्मू। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीनगर मोहम्मद अकरम चौधरी ने हत्या आरोपी मोहम्मद यूसुफ मीर निवासी पंजीनारा मोहल्ला मीरपोरा तहसील सुबंल को उम्रकैद की सजा सुनाई।
पुलिस केस अनुसार 13 जून 2009 को शाम साढ़े आठ बजे पुलिस थाने को सूचना मिली कि पंजीपोरा में एक व्यक्ति गनी हजाम (65) का शव पड़ा हुआ है। उसकी पिछली रात को ही किसी ने हत्या कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि अब्दुल गनी हजाम ने मोहम्मद युसूफ मीर से मार्च 2009 में 50 हजार रुपये का लोन लिया था। दोनों में लिखित समझौता हुआ कि अगर अब्दुल गनी का व्यापार ठप हुआ तो वह हर्जाने के तौर पर दस हजार रुपये देगा। कई बार लोन चुकाने के आग्रह के बाद भी यूसुफ मीर का लोन नहीं दिया गया। आरोपी 12 जून को भी उसके घर में गया और अब्दुल गनी को पंजीनारा में ले गया। रात के अंधेरे में कुल्हाड़ी से वार करके हजाम की हत्या कर दी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अकरम चौधरी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया केस मामूली नहीं है। केस जांच में पूरी तरह से साफ है कि हत्या करने के इरादे से हजाम को पंजानारा में ले जाया गया। कोर्ट आरोपी को उम्रकैद और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना की रकम अदा नहीं करने पर आरोपी को तीन महीने की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।
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पुलिस केस अनुसार 13 जून 2009 को शाम साढ़े आठ बजे पुलिस थाने को सूचना मिली कि पंजीपोरा में एक व्यक्ति गनी हजाम (65) का शव पड़ा हुआ है। उसकी पिछली रात को ही किसी ने हत्या कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि अब्दुल गनी हजाम ने मोहम्मद युसूफ मीर से मार्च 2009 में 50 हजार रुपये का लोन लिया था। दोनों में लिखित समझौता हुआ कि अगर अब्दुल गनी का व्यापार ठप हुआ तो वह हर्जाने के तौर पर दस हजार रुपये देगा। कई बार लोन चुकाने के आग्रह के बाद भी यूसुफ मीर का लोन नहीं दिया गया। आरोपी 12 जून को भी उसके घर में गया और अब्दुल गनी को पंजीनारा में ले गया। रात के अंधेरे में कुल्हाड़ी से वार करके हजाम की हत्या कर दी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अकरम चौधरी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया केस मामूली नहीं है। केस जांच में पूरी तरह से साफ है कि हत्या करने के इरादे से हजाम को पंजानारा में ले जाया गया। कोर्ट आरोपी को उम्रकैद और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना की रकम अदा नहीं करने पर आरोपी को तीन महीने की अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी।
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