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आरईटी शिक्षकों ने दूसरे दिन भी जारी रखी हड़ताल
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:33 AM IST
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उधमपुर। सातवें वेतन आयोग का लाभ देने, वेतन डी-लिंक करने की मांग पर आरईटी शिक्षकों ने शनिवार को दूसरे दिन हड़ताल जारी रखी। इस दौरान कामकाम पूरी तरह से बंद रखा। शिक्षकों ने विभिन्न प्रकार के स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर रोष प्रकट किया। इस दौरान स्कूलों में कामकाज प्रभावित रहा।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त आरईटी शिक्षक वेतन डी-लिंक करने व सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग पर दूसरे भी कोई काम नहीं किया। सभी हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर कक्षाओं में पहुंचे। जम्मू एंड कश्मीर आरईटी टीचर्स फोरम के राज्य उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार ने आरईटी शिक्षकों को मांगों को पूरा करने बड़े-बड़े आश्वासन दिए थे, लेकिन किसी ने मांग को आज तक पूरा नहीं किया गया है। आरईटी शिक्षकों को छठे वेतन आयोग का लाभ प्रदान किया गया था, लेकिन सातवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित रखा जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। अन्य कर्मचारियों की तरह आरईटी शिक्षक भी काम कर रहे हैं। फिर उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इसके अलावा वेतन डी-लिंक न किए जाने के कारण आरईटी शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। वेतन के लिए शिक्षकों को महीनों इंतजार करना पड़ता है। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक आंदोलन इसी तरह से जारी रहेगा।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त आरईटी शिक्षक वेतन डी-लिंक करने व सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग पर दूसरे भी कोई काम नहीं किया। सभी हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर कक्षाओं में पहुंचे। जम्मू एंड कश्मीर आरईटी टीचर्स फोरम के राज्य उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व सरकार ने आरईटी शिक्षकों को मांगों को पूरा करने बड़े-बड़े आश्वासन दिए थे, लेकिन किसी ने मांग को आज तक पूरा नहीं किया गया है। आरईटी शिक्षकों को छठे वेतन आयोग का लाभ प्रदान किया गया था, लेकिन सातवें वेतन आयोग के लाभ से वंचित रखा जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। अन्य कर्मचारियों की तरह आरईटी शिक्षक भी काम कर रहे हैं। फिर उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इसके अलावा वेतन डी-लिंक न किए जाने के कारण आरईटी शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। वेतन के लिए शिक्षकों को महीनों इंतजार करना पड़ता है। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक आंदोलन इसी तरह से जारी रहेगा।
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