जम्मू कश्मीर: अमृत काल के तहत खुलेंगे 75 जन औषधि केंद्र, स्वास्थ्य क्षेत्र मजबूत होने से मरीजों को मिलेगी राहत
नई आधुनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से आगामी सालों में जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। जीडीपी जैसे पारंपरिक आर्थिक घटक के साथ लोगों के सकल स्वास्थ्य और खुशी पर ध्यान दिया जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली और सामाजिक आर्थिक विकास के लिए लगभग 350 आधुनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं लाई जा रही हैं। अमृत काल को चिह्नित करने के लिए हर जिले में 75 जन औषधि केंद्र शुरू किए जाएंगे। हर स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाया जा रहा है।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जेनेरिक दवाओं की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने और प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि योजना के लाभों को जम्मू-कश्मीर के हर नुक्कड़ तक पहुंचाने पर जोर दिया।
आम लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण और सस्ती जेनेरिक दवाएं देने के साथ यह योजना महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रही है। जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण, सत्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए सुधार लाए गए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र को बनाया जा रहा मजबूत
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाया जा रहा है। हमारी सबसे बड़ी संपत्ति नागरिकों का स्वास्थ्य है। नई आधुनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से आगामी सालों में जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। जीडीपी जैसे पारंपरिक आर्थिक घटक के साथ लोगों के सकल स्वास्थ्य और खुशी पर ध्यान दिया जा रहा है।
रोजाना 32000 मरीज उठा रहे केंद्रों का लाभ
स्वस्थ और खुशहाल समाज आर्थिक लाभ और समग्र विकास को सक्षम करता है। जनऔषधि केंद्रों से सस्ती दवाओं के परिणामस्वरूप देशभर के परिवारों के लिए बड़ी रकम की बचत हुई है। जम्मू कश्मीर में हर दिन लगभग 32000 मरीज 227 केंद्रों पर आ रहे हैं।
जन औषधि दिवस के उपलक्ष्य में जम्मू कश्मीर में सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इस दौरान जन औषधि केंद्र और अन्य हितधारकों को जेनेरिक दवाओ, मासिक धर्म स्वास्थ्य व स्वच्छता को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।