2015 में कश्मीर में 72 स्थानीय युवा आतंकी बने: आईजीपी
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पुलिस के अनुसार साल 2015 में कश्मीर में हालात काफी हद तक नियंत्रण में रहे। आतंकियों के खिलाफ आक्रामक ऑपरेशन अंजाम दिए गए, जिसमें काफी कामयाबियां मिलीं।
जम्मू कश्मीर पुलिस के कश्मीर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल एसजेएम गिलानी ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2015 में ओवरआल स्थिति नियंत्रण में रही।
उपस्थिति नियंत्रण में रहने के पीछे कारण है कि घाटी में वार्षिक अमरनाथ जी की यात्रा, 15 अगस्त का समारोह, प्रधानमंत्री दौरे के अलावा अन्य प्रमुख इवेंट शांतिपूर्वक ढंग से बीत गए और साथ ही इस वर्ष आतंकियों की ओर से भी कोई बड़ी वारदात नहीं हुई।
दक्षिणी कश्मीर में युवा आतंकवाद की ओर ज़्यादा आकर्षित
गिलानी के अनुसार दक्षिणी कश्मीर में युवा आतंकवाद की ओर ज़्यादा आकर्षित होते दिखे, लेकिन पुलिस द्वारा इस पर अंकुश लगाने का पूरा प्रयास जारी रखा गया। गिलानी द्वारा आंकड़े देते हुए कहा कि पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष युवा ज्यादा आतंकवाद में शामिल हुए हैं। वर्ष 2014 में यह आंकड़ा 64 था, लेकिन इस वर्ष यह आंकड़ा 72 पहुंच गया है।
इस वर्ष आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई भी अच्छी रही। यही कारण है कि लश्कर कमांडर अबु कासिम, इरशाद गनई समेत आतंकी संगठनों के कई बड़े कमांडरों को मार गिराने में पुलिस को सफलताएं मिलीं।
इस वर्ष करीब 130 से 140 के बीच आतंकियों को पुलिस ने ढेर किया। कई आक्रामक ऑपरेशन अंजाम दिए गए, जिसमें करीब 40 से 50 जवान शहीद भी हुए। इस बार घुसपैठ भी कम हुई।