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पर्यटन बढ़ाने के लिए एलओसी पर 600 किमी लंबे हाईवे की योजना, दूसरे गुलमर्ग का आनंद ले सकेंगे पर्यटक

Sun, 09 Aug 2020 05:11 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 09 Aug 2020 05:11 PM IST
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600 km long highway plans to increase tourism, tourists will be able to enjoy other Gulmarg
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

जम्मू-कश्मीर में रोजगार के प्रमुख आधारों में एक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर 600 किलोमीटर लंबा राजमार्ग बनाने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर आठ हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। प्रस्तावित राजमार्ग गुलमर्ग से लद्दाख के द्रास और कारगिल से जुड़ेगा। राजमार्ग का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे अब तक घाटी के अनछुए तथा सुरम्य पर्यटक स्थल आपस में जुड़ जाएंगे।

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मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि प्रस्तावित राजमार्ग कश्मीर घाटी में केरन, गुरेज तथा माछिल जैसे पर्यटकों को आकर्षित करने वाले स्थानों को भी जोड़ेगा। इसमें उन सभी स्थानों को एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा, जो अब तक पर्यटन के नक्शे पर नहीं आ सके हैं। हाईवे पर 12 से 13 सरंगें होंगीं, जो सीमांत इलाकों को जोड़ेंगी। ये सभी पर्यटक स्थल लोगों को दूसरे गुलमर्ग का अहसास कराएंगे। केरन व माछिल कुपवाड़ा जिले में हैं, जबकि बर्फ से आच्छादित गुरेज घाटी बांदीपोरा जिले में है।
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अब ग्रामीण क्षेत्रों में बनेंगी हर साल पांच हजार किमी सड़कें
प्रदेश में विकास कार्यों का जायजा लेने आए पत्रकारों के दल को मुख्य सचिव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के कार्यों में भी तेजी आई है। पहले साल भर में 1300 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होता था। अब हर साल ग्रामीण क्षेत्रों में पांच हजार किलोमीटर सड़कें बनाने की योजना है। रोजगार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके तहत आईटी सेक्टर में अगले कुछ सालों में चार से पांच लाख भर्तियां की जाएंगी। जम्मू और श्रीनगर में पांच लाख वर्ग फुट में दो आईटी टॉवर बनाए जा रहे हैं।

पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 हटने के बाद 5979 करोड़ रुपये के 2273 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं। ये सभी प्रोजेक्ट पांच से दस वर्ष से लंबित थे। इनमें से 506 प्रोजेक्ट पूरे भी हो गए हैं। पंचायत ढांचे की मजबूती, झेलम बाढ़ नियंत्रण प्रोजेक्ट, दस हजार पदों को सृजित करने तथा 50 नए डिग्री कॉलेज खोलने का काम हो चुका है।


कोरोना से पर्यटन और परिवहन सेक्टर प्रभावित
मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते पर्यटन, परिवहन तथा अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं। कृषि तथा बागवानी क्षेत्र बहुत प्रभावित नहीं हुआ है। इन दोनों सेक्टरों में 15 लाख परिवार (लगभग 75 लाख आश्रित) तथा चार लाख सरकारी कर्मचारी (लगभग 16 लाख आश्रित) हैं। कोरोना का यहां की अर्थव्यवस्था पर देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कम असर पड़ा है।

वैश्विक निवेशक सम्मेलन अगले वित्तीय वर्ष में
मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना के चलते वैश्विक निवेशक सम्मेलन इस वर्ष नहीं हो सका है। कोरोना की स्थिति का आकलन करते हुए अब इसे अगले वित्तीय वर्ष में आयोजित किया जाएगा। बताया कि देशभर में रोड शो आयोजित किए गए थे, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

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