अमरनाथ यात्रा में सुरक्षाबलों की 500 कंपनियों की हो सकती है तैनाती
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घाटी के मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार के लिए अमरनाथ यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। इसे देखते हुए जम्मू से लेकर पवित्र गुफा तक यात्रा के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को तैनात करने की योजना बनाई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो इस साल की यात्रा में अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा अमला तैनात किया जाएगा।सूत्रों के अनुसार इस साल अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में 500 पैरा मिलिट्री फोर्स की कंपनियों को तैनात किया जा सकता है। जम्मू कश्मीर पुलिस को छोड़ कर केंद्र से आईटीबीपी, बीएसएफ, सीआरपीएफ और एसएसबी की भी तैनात किया जाता है। पिछले वर्ष केंद्र ने सिर्फ 74 कंपनियां भेजी थीं, जबकि राज्य पुलिस ने 300 कंपनियों की मांग की थी, लेकिन इस साल 600 कंपनियों की मांग की जा सकती है। इस पर केंद्र की भी मुहर लगने की उम्मीद है।
डीजीपी एसपी वैद का कहना है कि सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जितनी जरूरत होगी, उतने सुरक्षा कर्मी तैनात होंगे। यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए वह आश्वस्त हैं। किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। यात्रा को लेकर जो कुछ भी सुरक्षा के लिए जरूरत होगी, उसको पूरा किया जाएगा।
घाटी के हालातों को लेकर चिंतित है केंद्र सरकार
घाटी के हालात से केंद्र भी पूरी तरह से वाकिफ है। इसलिए संभव है कि केंद्र सुरक्षा तंत्र में बड़ा इजाफा करेगा। बड़े पैमाने पर पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि केंद्र ने अमरनाथ यात्रा को ध्यान में रखकर ही अनंतनाग चुनाव में सुरक्षा कर्मियों की बड़ी संख्या देने से इंकार किया था, क्योंकि यदि चुनाव के लिए सुरक्षा कर्मी भेज दिए जाते तो यात्रा में कर्मियों को भेजने की दिक्कत आती।
लंगरों को मिले पूरी सुरक्षा
कश्मीर में अमरनाथ यात्रा रूट पर लगने वाले लंगर एसोसिएशन के महासचिव राजन गुप्ता ने मांग की है कि सरकार को लंगर वालों के लिए पूरी सुरक्षा देनी चाहिए। सेना और अन्य सुरक्षा बलों को पूरी छूट दी जानी चाहिए कि अगर कोई यात्रा में खलल डालने की कोशिश करे तो उस पर बिना किसी इंतजार के कार्रवाई करें। वह किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं।