सीआरपीएफ ने पेश की मानवता की वो मिसाल जिसका मुरीद हुआ जम्मू-कश्मीर, नवजात के लिए देवदूत बने मददगार
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कोरोना वायरस को मात देने व लॉकडाउन में किसी जरूरतमंद को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सीआरपीएफ के जवान मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। वहीं, एक अन्य मामले में सीआरपीएफ ने मानवता की वो मिसाल पेश की है जिसकी समूचे प्रदेश में तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया पर सीआरपीएफ मददगार को धन्यवाद देने का सिलसिला जारी है।
श्रीनगर में एक मजदूर के घर किलकारी गूंजी। लेकिन मुसीबत की बात ये थी कि बच्चे की हालात गंभीर थी उसका ऑपरेशन होना था। मजदूर के पास इतने पैसे नहीं थे। इसी दौरान सीआरपीएफ को जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर सीआरपीएफ मददगार ने नवजात के आपातकालीन ऑपरेशन की व्यवस्था की। साथ ही उक्त परिवार को तीस हजार रुपये की मदद भी दी।
बता दें कि पांच दिन का नवजात हृदय रोग से पीड़ित था। जिसकी सीआरपीएफ मददगार ने सर्जरी करवाने में सहायता की। वहीं सीआरपीएफ द्वारा की गई त्वरित मदद से बच्चे का सफल ऑपरेशन हो गया है। उसकी हालत स्थिर है।
उधर, सीआरपीएफ मददगार ने ट्वीट कर कहा कि उक्त शिशु के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। साथ ही सीआरपीएफ सभी जरूरतमंदों की हर संभव सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वहीं लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाए व लोग भरकस प्रयास कर रहे हैं। कश्मीर संभाग के अनंतनाग में नगर पालिका के उपाध्यक्ष अवतार कृष्ण रैना ने बिजबेहारा में जरूरतमंदों को राशन सामग्री मुहैया कराई। इस दौरान उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना हमारी प्राथमिकता है। कोई भी भूखा न रहे इसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। वहीं बीडीसी मोहम्मद अशरफ ने अनंतनाग में कई इलाकों में लोगों को मास्क उपलब्ध कराए। साथ ही लोगों से घरों में रहने की अपील की।