जम्मू कश्मीरः लश्कर आतंकी नवीद को भगाने में हुआ 4जी फोन का इस्तेमाल
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श्रीनगर सेंट्रल जेल में लगे जैमर पुराने हैं। वह 4जी नेटवर्क की फ्रिक्वेंसी नहीं पकड़ पता। हालांकि जेल विभाग का कहना है कि यह सब जांच का विषय है। लेकिन जेल विभाग के डीआईजी और जांच अधिकारी एम एस लोन ने इसकी पुष्टि की है कि उनके जैमर 2जी और 3जी कंट्रोल करने तक सीमित है।
इसके अलावा लोन बुधवार को श्रीनगर पहुंच गए। जेल विभाग की अपने स्तर पर जांच शुरू हो गई है। लोन का कहना है कि पहली नजर की जांच में यह जरूर है कि मेडिकल प्रक्रिया में कोई कमी नहीं है। नवीद पहले भी कई बार इसकी शिकायत कर चुका है। उसे एसएमजीएस अस्पताल के डाक्टर ने ही 6 फरवरी को अस्पताल आने के लिए कहा हुआ था।
मोबाइल नंबर की सीडीआर खंगाली जा रही
जेल विभाग ने श्रीनगर सेंट्रल जेल के जेल अधीक्षक से लेेकर संतरी तक के मोबाइल नंबर की काल डिटेल मांगी है। सबकी काल डिटेल खंगाली जा रही है। इसके अलावा नवीद की किस किस से बात होती थी। इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
किसी से मिलने नहीं दिया जाता था
डीआईजी का कहना है कि आतंकी नवीद विदेशी आतंकी था। इसलिए उससे किसी को मिलने नहीं दिया जाता था। हालांकि कोर्ट में उसे ले जाया जाता था। अस्पताल में भी उसे कई बार ले जाया गया था। उससे कौन लोग मिलते थे और वह क्या करता है।
इसकी फिलहाल जांच की जा रही है। अभी तक जेल विभाग के किसी ऐसे कर्मचारी या अधिकारी का पता नहीं चला कि जिसने उसकी मदद की हो। न ही किसी को सस्पेंड किया गया है।