जम्मू-कश्मीर के चौथे चरण में 49 फीसदी मतदान
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में भी मतदाताओं में जबरदस्त जोश रहा। अलगाववादियों के वोट बहिष्कार की धमकियां और अपीलें मतदाताओं ने फिर खारिज कर दीं। आतंकवादियों के हमले भी बेअसर साबित हुए। चौथे चरण में 49 प्रतिशत मतदान हुआ।
जम्मू संभाग के सांबा और कश्मीर संभाग के सांबा जिलों में मतदाताओं ने पिछले कई चुनावों के आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए रिकार्ड मतदान किया। खास बात यह रही कि श्रीनगर के वोटरों ने बाढ़ और अलगाववाद के असर से श्रीनगर में वोटिंग कम होने की सभी आशंकाओं को ध्वस्त कर दिया।
विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 81.31 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। अलबत्ता अनंतनाग जिले में खराब मौसम के चलते मतदान पर भी इसका आंशिक असर नजर आया। कश्मीर घाटी की 16 और जम्मू संभाग की दो सीटों पर वोटरों का उत्साह चरम पर दिखा।
वोटरों ने धमकियों को नजरअंदाज कर दिया
बाढ़ से पीड़ित इलाकों में भी वोटरों ने मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। श्रीनगर, अनंतनाग, शोपियां और सांबा जिलों के मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। तीन चरणों में भारी मतदान के बाद आतंकवादियों ने कई स्थानों पर ग्रेनेड से हमले कर दहशत फैलाने की कोशिश की थी लेकिन वोटरों ने तमाम धमकियों को नजरअंदाज कर दिया।
रविवार के मतदान में सोनवार में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अनंतनाग में पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद सहित 182 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम मशीनों में कैद हो गई।
नरूला ने यह भी जानकारी दी कि मतदान को सुचारु रूप से चलने के लिए 155 केंद्रों पर वेब कास्टिंग की गई। 48 मतदान केंद्रों पर डिजिटल कैमरे लगाए गए थे, जबकि 82 मतदान केंद्रों पर वीडियो कैमरों से नजर रखी गई थी। उनके अनुसार, चुनाव निष्पक्ष करवाने के लिए पूर्ण इंतजाम किए गए थे।