{"_id":"5880c27c4f1c1bc346efe088","slug":"47-arrested-in-school-burn-case-in-kashmir","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर में स्कूल जलाने की घटनाओं में शामिल 47 शरारती तत्त्व गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर में स्कूल जलाने की घटनाओं में शामिल 47 शरारती तत्त्व गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 19 Jan 2017 07:14 PM IST
विज्ञापन
कश्मीर में जलाया गया एक स्कूल
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी में पांच महीने तक रही अशांति के दौरान 32 स्कूली इमारतों को जलाया गया है। इनमें 14 इमारतें पूरी तरह से जलकर राख हो गई जबकि 18 इमारतों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है।
पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू की हुई है और अब तक 47 शरारती तत्त्वों को गिरफ्तार किया गया है। विधान परिषद में नेकां एमएलसी कैसर जमशेद लोन और डा. एस बशीर अहमद वीरी के सवाल के जवाब में शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी ने यह जवाब दिया।
मंत्री ने कहा कि स्कूल जलाए जाने की घटनाओं के बाद मंडल प्रशासन की ओर से स्कूलों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए। इनमें वाच एंड वार्ड स्टाफ को तैनात करने के अलावा ग्रामीण स्तर की शिक्षा समितियों व नंबरदार, चौकीदार और लोकल ओकाफ कमेटियों, स्थानीय इमाम, समाज के गणमान्य लोगों, नियमित निगरानी, फायर सेफ्टी उपाए अपनाने और बेहतर रोशनी का प्रबंध किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा स्कूली शिक्षा निदेशक ने सर्कुलर जारी कर ड्यिूटी रोस्टर तैयार करने के निर्देश जारी किए जिसमें स्कूलों में कम से कम एक अधिकारी को राउंड द क्लाक ड्यिूटी देने को कहा गया। विपक्षी नेकां व कांग्रेस सदस्यों खासतौर से कैसर जमशेद लोन, डा. एस बशीर अहमद वीरी व कांग्रेस के गुलाम नबी माेंगा ने कहा कि सरकार ने सर्कुलर जारी कर शिक्षकों से चौकीदारी का काम करवाया।
उन्होंने कहा महिला शिक्षकों को रात को स्कूलों में रुकने को कहा गया जोकि प्रताड़ना है। इस मामले में नेकां व कांग्रेस सदस्यों की पीडीपी व भाजपा सदस्यों से तीखी नोंकझोक भी हुई। पीडीपी एमएलसी यासिर रेशी व भाजपा के सोफी युसुफ ने कहा कि स्कूल जलाने की घटनाओं में कौन लोग शामिल है इसका पता अब रियासत के लोगों को लग चुका है। हंगामा और शोरगुल के दौरान नेकां व कांग्रेस सदस्य सदन से वाक आउट कर गए।
विज्ञापन
पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू की हुई है और अब तक 47 शरारती तत्त्वों को गिरफ्तार किया गया है। विधान परिषद में नेकां एमएलसी कैसर जमशेद लोन और डा. एस बशीर अहमद वीरी के सवाल के जवाब में शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी ने यह जवाब दिया।
विज्ञापन
मंत्री ने कहा कि स्कूल जलाए जाने की घटनाओं के बाद मंडल प्रशासन की ओर से स्कूलों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए। इनमें वाच एंड वार्ड स्टाफ को तैनात करने के अलावा ग्रामीण स्तर की शिक्षा समितियों व नंबरदार, चौकीदार और लोकल ओकाफ कमेटियों, स्थानीय इमाम, समाज के गणमान्य लोगों, नियमित निगरानी, फायर सेफ्टी उपाए अपनाने और बेहतर रोशनी का प्रबंध किया गया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा स्कूली शिक्षा निदेशक ने सर्कुलर जारी कर ड्यिूटी रोस्टर तैयार करने के निर्देश जारी किए जिसमें स्कूलों में कम से कम एक अधिकारी को राउंड द क्लाक ड्यिूटी देने को कहा गया। विपक्षी नेकां व कांग्रेस सदस्यों खासतौर से कैसर जमशेद लोन, डा. एस बशीर अहमद वीरी व कांग्रेस के गुलाम नबी माेंगा ने कहा कि सरकार ने सर्कुलर जारी कर शिक्षकों से चौकीदारी का काम करवाया।
उन्होंने कहा महिला शिक्षकों को रात को स्कूलों में रुकने को कहा गया जोकि प्रताड़ना है। इस मामले में नेकां व कांग्रेस सदस्यों की पीडीपी व भाजपा सदस्यों से तीखी नोंकझोक भी हुई। पीडीपी एमएलसी यासिर रेशी व भाजपा के सोफी युसुफ ने कहा कि स्कूल जलाने की घटनाओं में कौन लोग शामिल है इसका पता अब रियासत के लोगों को लग चुका है। हंगामा और शोरगुल के दौरान नेकां व कांग्रेस सदस्य सदन से वाक आउट कर गए।