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जम्मू-कश्मीर डीडीसी चुनाव में 38 गुज्जर प्रत्याशी जीते, इनमें 15 जनजातीय महिलाएं
Thu, 24 Dec 2020 05:33 PM IST
प्रशांत कुमार
एजेंसी
एजेंसी
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 24 Dec 2020 05:33 PM IST
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जम्मू-कश्मीर डीडीसी चुनाव
- फोटो : बासित जरगर
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प्रदेश के पहले डीडीसी चुनाव में जनजातीय समुदाय को बड़े स्तर पर नुमाइंदगी मिली है। जम्मू-कश्मीर में गुज्जर समुदाय से 38 प्रत्याशी जीतकर आए हैं। खास बात है कि इनमें 15 विजेता जनजातीय महिलाएं भी शामिल हैं। 28 सीटोें पर गुज्जर प्रत्याशी कांटे की टक्कर में हारे। एक अधिकारी ने इस आशय की जानकारी दी है।
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गुज्जर समुदाय पर काम करने वाली ट्राइबल रिसर्च एंड कल्चरल फाउंडेशन संस्था ने डेटा साझा कर बताया है कि जम्मू संभाग से गुज्जर-बकरवाल समुदाय के सर्वाधिक 26 प्रत्याशी जीते हैं। विभिन्न दलों के टिकट से लड़ने के अलावा ज्यादातर जीते प्रत्याशी निर्दलीय सफल रहे हैं। जनजातीय मामलों के शोधकर्ता डॉ. जावेद राही ने कहा कि गुज्जर-बकरवालों को नुमाइंदगी की सबसे बड़ी वजह बीते वर्ष अनुसूचित जनजाति को दिया गया आरक्षण है।
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डॉ. राही के अनुसार जीतने वालों में 82 फीसदी युवा और पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। 37 फीसदी महिलाएं सुदूरवर्ती पर्वतीय इलाकों से हैं। जीतने वाले प्रमुख गुज्जर प्रत्याशियों में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री ताज मोहिउद्दीन व पूर्व मंत्री जेकेएपी नेता एजाज अहमद खान भी शामिल हैं।
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पुंछ में 14 में से 9 सीटों से गुज्जर जीते
गुज्जर समुदाय से प्रत्याशियों की जीत मामले में पुंछ जिला सबसे आगे रहा है। पुंछ की 14 सीटों में से 9 पर गुज्जर प्रत्याशी जीतने में कामयाब रहे। प्रदेश के 20 जिलों में यह सर्वाधिक है। उल्लेखनीय है कि पुंछ जिला मतदान प्रतिशत में भी प्रदेश में सबसे आगे रहा।