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बनी-भद्रवाह मार्ग के काम में मौसम का बिगड़ा मिजाज बना बाधा
Updated Wed, 17 Oct 2018 04:10 PM IST
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कठुआ। पिछले दो दिन से मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही बनी-भद्रवाह सड़क विस्तारीकरण कार्य पर भी अब बादल मंडराने लगे हैं। वीरवाल छत्रगलां टॉप पर मौसम की पहली बर्फबारी होने से दिसंबर तक काम को जारी रखने की कोशिशों पर पानी फिरता दिखाई दिया। हल्की बर्फबारी दर्ज होने के बाद भी वीरवार को काम जारी रखा गया। अधिकारियों की मानें तो यदि बर्फबारी का सिलसिला तेज होता है तो काम को इस बार पहले ही समेटने को मजबूर होना पड़ेगा। गौरतलब है कि अमूमन दिसंबर से मार्च माह के अंत तक बर्फबारी के चलते परियोजना का काम रुक जाता है।
ग्रेफ के अधिकारियों की मानें तो इस बार सड़क पर विभिन्न चरणों में चल रहे काम को दिसंबर अंत तक जारी रखने की योजना है। हालांकि यह मौसम पर पूरी तरह से निर्भर करेगा। तापमान और अधिक गिरने और बर्फबारी के चलते काम को बंद करना मजबूरी बन जाता है। अमूमन नवंबर के आखिरी सप्ताह में बर्फबारी के बाद बनी-भद्रवाह सड़क संपर्क जहां ठप होता रहा है। ग्रेफ को भी अपनी मशीनरी हटाने को मजबूर होना पड़ता है। इसके चलते हर साल मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह तक मार्ग पूरी तरह से ठप रहता था। बनी-भद्रवाह मार्ग को बीते साल केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने नेशनल हाईवे का दर्जा देते हुए डीपीआर तैयार करवाने की कवायद भी शुरू कर दी है। फिलहाल भद्रवाह की ओर से तेजी से काम जारी है, जबकि बनी की ओर से किलोमीटर 102 से किलोमीटर 128 के बीच अभी कई जगह ग्रेफ को फारेस्ट क्लीयरेंस ही नहीं मिल पाई है। ऐसे में परियोजना के अगले दो वर्षों में पूरा होने की संभावना भी लटकती जा रही है। पहले इस परियोजना को वर्ष 2019 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य था।
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ग्रेफ के अधिकारियों की मानें तो इस बार सड़क पर विभिन्न चरणों में चल रहे काम को दिसंबर अंत तक जारी रखने की योजना है। हालांकि यह मौसम पर पूरी तरह से निर्भर करेगा। तापमान और अधिक गिरने और बर्फबारी के चलते काम को बंद करना मजबूरी बन जाता है। अमूमन नवंबर के आखिरी सप्ताह में बर्फबारी के बाद बनी-भद्रवाह सड़क संपर्क जहां ठप होता रहा है। ग्रेफ को भी अपनी मशीनरी हटाने को मजबूर होना पड़ता है। इसके चलते हर साल मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह तक मार्ग पूरी तरह से ठप रहता था। बनी-भद्रवाह मार्ग को बीते साल केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने नेशनल हाईवे का दर्जा देते हुए डीपीआर तैयार करवाने की कवायद भी शुरू कर दी है। फिलहाल भद्रवाह की ओर से तेजी से काम जारी है, जबकि बनी की ओर से किलोमीटर 102 से किलोमीटर 128 के बीच अभी कई जगह ग्रेफ को फारेस्ट क्लीयरेंस ही नहीं मिल पाई है। ऐसे में परियोजना के अगले दो वर्षों में पूरा होने की संभावना भी लटकती जा रही है। पहले इस परियोजना को वर्ष 2019 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य था।
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