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निजी स्कूलों की मनमानी पर भड़के अभिभावक बोले हर साल बढ़ रही एडमिशन फीस
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:09 PM IST
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कठुआ। दो बार प्रशासन और मुख्य शिक्षा अधिकारी को निजी स्कूलों की मनमानी से अवगत करवाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के विरोध में बुधवार को प्राइवेट स्कूल पैरेंटस एसोसिएशन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीजि स्कूलों की मनमानी हर दिन के साथ बढ़ती जा रही है, लेकिन प्रशासन और शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। प्रदर्शनकारियों में शामिल करण सिंह ने कहा कि पिछले एक महीने में वह दो बार इस मामले को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग ने अब तक किसी भी स्कूल का दौरा नहीं किया और न ही इस मनमानी को रोकने के लिए कोई पहल की।
उन्होंने कहा कि जब बच्चों की परीक्षाएं चल रही थी तो उस समय पर शिक्षा विभाग को स्कूलों की मनमानी के बारे में बताया गया था कि किस प्रकार एडमिशन के समय अभिभावकों को स्कूल तंग करते हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष तरह-तरह के फंड और एडमिशन फीस में बढ़ोतरी की जाती है।
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ऐसे में अभिभावकों के पास बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है। उन्होंने कहा कि हालत तो इतनी बुरी हो चुकी है कि अभिभावक अगर बात करें भी तो स्कूल प्रबंधन सीधे-सीधे बच्चों को स्कूल से निकाल लेने की धमकी तक दे देते हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधकों के सीधे दुकानदारों के साथ डील है और उसी दुकान से सामान खरीदने की बात भी अभिभावकों से की जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के लिए आखिर वह क्या करें प्रशासन सुन नहीं रहा और स्कूल मान नहीं रहे।
ऐसे में उन्हें मजबूर होकर प्रदर्शन करना पढ़ा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीजि स्कूलों की मनमानी हर दिन के साथ बढ़ती जा रही है, लेकिन प्रशासन और शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। प्रदर्शनकारियों में शामिल करण सिंह ने कहा कि पिछले एक महीने में वह दो बार इस मामले को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग ने अब तक किसी भी स्कूल का दौरा नहीं किया और न ही इस मनमानी को रोकने के लिए कोई पहल की।
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उन्होंने कहा कि जब बच्चों की परीक्षाएं चल रही थी तो उस समय पर शिक्षा विभाग को स्कूलों की मनमानी के बारे में बताया गया था कि किस प्रकार एडमिशन के समय अभिभावकों को स्कूल तंग करते हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष तरह-तरह के फंड और एडमिशन फीस में बढ़ोतरी की जाती है।
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ऐसे में अभिभावकों के पास बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है। उन्होंने कहा कि हालत तो इतनी बुरी हो चुकी है कि अभिभावक अगर बात करें भी तो स्कूल प्रबंधन सीधे-सीधे बच्चों को स्कूल से निकाल लेने की धमकी तक दे देते हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधकों के सीधे दुकानदारों के साथ डील है और उसी दुकान से सामान खरीदने की बात भी अभिभावकों से की जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के लिए आखिर वह क्या करें प्रशासन सुन नहीं रहा और स्कूल मान नहीं रहे।
ऐसे में उन्हें मजबूर होकर प्रदर्शन करना पढ़ा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे।