सरहद के उस पार 300 आतंकी घुसपैठ करने को तैयार: सेना
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सेना ने मंगलवार को यह दावा किया था कि करीब 300 आतंकी भारतीय सीमा में दाखिल होने के लिए सरहद के उस पार तैयार बैठे हैं, लेकिन वह ऐसा करने में कामयाब नहीं हो रहे, क्योंकि सेना का एलओसी पर काउंटर इंसर्जेंसी ग्रिड पूरी तरह से सतर्क है।
वह किसी भी आतंकी गतिविधि से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम भी है। दक्षिणी कश्मीर में सेना द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कश्मीर में तैनात 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एसके दुआ ने कहा कि सर्दी शुरू होने से पहले यही समय होता है, जब आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की पूरी कोशिश करते हैं।
लेकिन, उन्हें ऐसे करने का मौका नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 300 आतंकी ऐसे हैं, जो पूरी ट्रेनिंग हासिल कर लांचिंग पैड पर घुसपैठ करने के इंतजार में हैं।
आतंकी लोकल भर्ती की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं
दुआ ने कहा कि पिछले कई हफ्तों से आतंकियों द्वारा घुसपैठ के प्रयास किए गए। अधिकतर प्रयासों को या तो एलओसी पर या फिर एलओसी के करीब विफल बनाया गया। लेफ्टिनेंट जनरल एसके दुआ ने बताया कि इस वर्ष घुसपैठ काफी कम हुई। सख्ती से वह हताश हैं।
कहा कि अबतक 19 आतंकियों को ढेर किया गया है। कोर कमांडर ने एक सवाल के जवाब में कहा कि दक्षिणी कश्मीर के स्थानीय युवा आतंकवाद के पन्नों में शामिल हो रहे हैं। इस समय उनकी संख्या 40 के करीब है, जो वर्ष 2012 और 2013 की तुलना में ज्यादा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय आतंकियों की संख्या में बढ़ोतरी सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।
दुआ ने कहा कि घुसपैठ में असफल होने के कारण आतंकी लोकल भर्ती की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। युवकों को विभिन्न तरीकों से बहलाया फुसलाया जाता है। उन्हें यहीं पर ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन उनकी ट्रेनिंग का स्तर अच्छा नहीं।
कोर कमांडर ने कहा कि पहले आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देकर अपनी ओर लोगों को आकर्षित करते थे, अब वह सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं, जो उनके आसान है।