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26 दिन से चार कंधों का इंतजार
ब्यूरो/ अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 17 Jan 2016 01:17 AM IST
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वह गहरी नींद में सो गया है। न कोई अपना है न कोई पराया। बीमारी ने सांसें छीन लीं। बस सिर्फ उस अंजान कंधे का इंतजार है, जो आए और उसे ले जाए।
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जीएमसी के शवगृह में पिछले 26 दिन से संस्कार का इंतजार कर रहे अभागे राजा राम की यह कहानी है। एक अस्पताल ने दूसरे अस्पताल को उसका शव सौंप दिया। पर उसके आगे अभी तक कुछ नहीं हो पाया। औपचारिकताओं का ही तर्क दिया गया।
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टीवी से ग्रस्त राजा राम निवासी तेली बस्ती राजीव कालोनी, बाड़ी ब्राह्मणा (मरीज से मिली जानकारी के मुताबिक) एमआरडी नंबर 7041/58674 की चेस्ट डीजीज (सीडी) अस्पताल के वार्ड 4 में 22 दिसंबर 2015 को मौत हो गई थी।
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राजा राम के शव को सीडी से शिफ्ट करके जीएमसी के शवगृह में लाया गया, लेकिन समय निकलने के साथ उसे दोनों अस्पताल भूल गए।
उसका शव शवगृह के कोल्ड स्टोर में अपने पुराने कपड़ों के साथ स्ट्रेचर पर पड़ा हुआ है और ताक रहा है कि शायद कोई आए और उसकी अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को पूरा करे।
राजा राम के शव को लेकर दोनों अस्पताल और संबंधित पुलिस एक-दूसरे पर अपना तर्क दे रहे हैं। नियमों के तहत लावारिस शवों का 72 घंटे इंतजार करने के बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसका संस्कार करवा दिया जाता है, लेकिन आज राजा राम के शव को शवगृह में पड़े 26 दिन बीत चुके हैं।
डबगोत्रा चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सोमनाथ डबगोत्रा का कहना है कि अगर अस्पताल प्रशासन उन्हें शव के अंतिम संस्कार करने की अनुमति दे तो वह इसके लिए तैयार हैं।